जौनपुर। पानी की शुद्धता की जांच अब गांवों में ही ‘जलसखी’ करेंगी। ग्राम पंचायतों में लोगों को प्रदूषित जल से बचाने के लिए जिले में प्रत्येक गांव में पांच-पांच महिलाओं का चयन किया जा रहा है। चयनित जल सखियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बाद उन्हें किट उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे वह पानी की जांच कर विभाग को रिपोर्ट सौंपेगी।
जिले के 1740 गांवों में लोगों को प्रदूषित जल से बचाने के लिए प्रति ग्रामपंचायत से पांच-पांच महिलाओं का चयन किया जा रहा है। इसके बाद ब्लॉकवार चयनित जल सखियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। उसके बाद पानी की शुद्धता जांच के लिए उन्हें किट उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे वह शुद्ध और अशुद्ध पानी की जांचकर रिपोर्ट सौपेंगी। इसमें जल निगम की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जल जीवन मिशन के तहत पानी की टंकी से हर घर नल से शुद्ध जल पहुंचने का लक्ष्य है। नलों से टपकने वाले जल की शुद्धता कितनी है, यह किसी को पता नहीं चल पा रहा था। अब शासन ने जांच की योजना बनाई है। इसमें पानी की टंकी से आपूर्ति के अलावा हैंडपंप, कुआं आदि पानी के स्रोतों की भी जांच होगी। जांच करने के बाद जलसखियों को रिपोर्ट ऑनलाइन पोर्टल पर तत्काल भरना होगा।
एक जांच पर मिलेगा 20 रुपये
पानी की शुद्धता की जांच के लिए समूह की महिलाओं को लाभ होगा। किट जल निगम (ग्रामीण) की तरफ से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे मुफ्त में जांच होगी। इसके बदले में समूह की महिला को एक जांच पर 20 रुपये मिलेगा। जांच रिपोर्ट पोर्टल पर डालते ही उनके खाते में 20 रुपये चला आएगा।
गांव-गांव पानी के शुद्धता की जांच होगी। इसके लिए प्रत्येक गांव से पांच-पांच महिलाओं का चयन किया जा रहा है। जिस हैंडपंप या स्त्रोत का पानी मानक के विपरीत मिलेगा, उसे पीने योग्य नहीं लिखा जाएगा। चयनित जल सखियों को ब्लॉकवार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। - राजेश कुमार गुप्ता, अधिशासी अभियंता जल निगम