जिले में 258 पूर्व प्रधानों के खिलाफ हुई अनियमितता की शिकायत की जांच अब तक नहीं हो सकी है। यह स्थिति तब है जबकि पंचायत चुनाव बीत चुके हैं। जिम्मेदार अब कोरोना संक्रमण व पंचायत चुनाव का हवाला देकर जांच में देर होने की बात कह रहे हैं। उधर, शिकायतकर्ता जांच कराने के लिए अब भी जिम्मेदारों के यहां चक्कर लगाने को विवश हैं।
जिले में 1740 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों में प्रधान व पंचायत सचिव मिलकर विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी संभालते हैं। उधर, पंचायत चुनाव से पहले जिले के कई ग्राम पंचायतों में मानकों की अनदेखी कर विकास कार्य करा दिए गए। इस तरह की शिकायतें 258 ग्राम पंचायतों में प्रधानों के खिलाफ ग्रामीणों की तरफ से की गईं हैं। अब जबकि पंचायत चुनाव बीत गए हैं और कई ग्राम पंचायतों में प्रधान बदल चुके हैं, इसके बाद भी जिम्मेदार अब तक ग्रामीणों की शिकायतों की जांच नहीं कर सके हैं। शिकायतकर्ता अब भी आरोपों की जांच के लिए संबंधित कार्यालयों में चक्कर लगा रहे हैं। यह स्थिति तब है जबकि शिकायतों की जांच के लिए जिला स्तरीय अधिकारी नामित कर दिए गए थे। जिला पंचायत राज अधिकारी संतोष कुमार का कहना है कि कोरोना संक्रमण व पंचायत चुनाव के कारण 258 पूर्व प्रधानों के खिलाफ हुई शिकायतों की जांच लंबित रह गई है। शिकायतों की शीघ्र ही संबंधित अधिकारी से जांच कराई जाएगी। जांच में आरोप सही मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी जाएगी।