आरोपी सोनू उर्फ तबरेज आलम व मोनू उर्फ अबुसाद ने पुलिस को बताया कि हम लोग पशु तस्करों से गोवंश खरीदकर रत्नेश, शाहिद, आसिफ सबरहद व आसिफ हसनडीहा एवं खुर्शीद के माध्यम से पशु सिवान (बिहार) भेजने लगे। हमारी पशु लदी गाड़ियां जनपद आजमगढ़, मऊ, गोरखपुर, देवरिया के रास्ते सीधे मेहरौना बार्डर से जनपद सिवान में प्रवेश करती है।
बॉर्डर पर खुद को पत्रकार बताते थे तस्कर
एसपी के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बिहार बॉर्डर पास कराने में शत्रुघ्न यादव उर्फ डब्लू यादव व अमन सिंह निवासी मेहरौना की भूमिका होती थी। वह खुद को पत्रकार बताते थे। बताया कि हम लोग दो साल पहले सऊदी से आए हैं। काम की तलाश में स्थानीय पशु तस्करों से मुलाकात हुई। सलाम और गुड्डू लंगड़ा इस कारोबार में काफी पुराने कारोबारी हैं। इस कारोबार में संलिप्त लोगों का गैंग यही दोनों चलाते हैं। इन लोगों ने हमारी मुलाकात आसिफ निवासी हसनडीहा से कराई।