भाजपा नेता, शराब कारोबारी और नगरपालिका शाहगंज के पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश जायसवाल के घर चार मंडलों की आयकर विभाग की टीम ने तीन दिनों में लगातार 58 घंटे तक जांच की। इस दौरान तलाशी में एक करोड़ तीन लाख 36 हजार रुपये मिले। इनमें से टीम ने एक करोड़ तीन लाख रुपये आयकर विभाग के नई दिल्ली के खाते में जमा कराए। अब कागजात, बैंक खातों, कंप्यूटर हार्ड डिस्क के रिकार्डों की जांच चल रही है। प्रथम दृष्टया बड़े पैमाने पर कर चोरी का मामला सामने आया है।
लखनऊ, आजमगढ़, वाराणसी, प्रयागराज मंडल की आयकर विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार की सुबह करीब आठ बजे जांच शुरू की थी। इस दौरान टीम ने ओम प्रकाश जायसवाल, उनकी पत्नी माधुरी जायसवाल, भयोहू व नगर पालिका शाहगंज अध्यक्ष गीता जायसवाल, भाई प्रदीप जायसवाल, भतीजा सुजीत जायसवाल और दो भतीजियों से भी अलग-अलग पूछताछ की। शनिवार की शाम पांच बजे सात इनोवा कारें ओम प्रकाश के फार्म हाउस के अंदर गईं। फिर करीब छह बजे सभी कारें बाहर निकलीं। अधिकारी यहां से बड़ी संख्या में दस्तावेज भी ले गए। जांच के दौरान तलाशी में आयकर टीम को एक करोड़ तीन लाख 36 हजार रुपये मिले। टीम ने शुक्रवार को इनमें से एक करोड़ तीन लाख रुपये भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा शाहगंज से आयकर विभाग के नई दिल्ली के खाते में दो बार में ट्रांसफर किए। इसकी पुष्टि ओम प्रकाश जायसवाल ने भी की। इसके अलावा उनके भतीजे सुजीत जायसवाल के पंचवटी कालोनी स्थित आवास से भी आयकर विभाग की टीम कागजात ले गई है। साथ ही 36 हजार रुपये भी कब्जे में ले लिए। इसकी पुष्टि सुजीत ने की है। इससे पहले वाराणसी में नाटी इमली स्थित आवास, मलदहिया में चार्टर्ड अकाउंटेंट के कार्यालय पर आयकर विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को जांच की थी। अब आयकर विभाग ने लेन-देन से जुड़े कागजात, बैंक खातों आदि की जांच शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो प्रथम दृष्टया आयकर टीम को जो जानकारी मिली है, उसमें कारोबारी बैंक से लेनदेन कम करता था लेकिन, नकदी में अधिक कारोबार होता था। आय से अधिक संपत्ति मानकर भी टीम जांच कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई संतोष जनक रही। हम जिस सूचना पर आए थे, वह लगभग सही निकली। हालांकि अफसरों ने और जानकारी देने से इनकार कर दिया।
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जांच में 100 से अधिक लोग शामिल
जौनपुर, वाराणसी में कारोबारी के अलग-अलग ठिकानों पर हुई आयकर की कार्रवाई में 100 से अधिक लोग शामिल रहे। दर्जन भर गाड़ियों और पुलिस बल की मौजूदगी में आयकर विभाग ने एक-एक तथ्य की जांच की। अब सभी की नजरें आयकर की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।