जौनपुर। विधानसभा चुनाव की तैयारी में अधिकारियों के लगने के कारण तहसील में सामान्य कामकाज प्रभावित होना शुरू हो गया है। विभागीय कार्यों से लेकर विकास कार्यों की गति धीमी हो गई है। वहीं ऑनलाइन आवेदन भी निस्तारित नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में सबसे अधिक आवेदन आय, जाति और निवास के अटक रहे हैं। इससे आवेदनकर्ताओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र के लिए उनको लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
सरकार की ओर से संचालित छात्रवृत्ति और पेंशन सहित कई योजनाओं और विभिन्न कार्यों के लिए आय, जाति और निवासी प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ती है, जिसके बिना यह कार्य नहीं हो पाते हैं। इसके लिए आनलाइन आवेदन करने की सुविधा है। लोगों की ओर से कामन सर्विस सेंटर (सीएससी) से ऑनलाइन आवेदन करने का कार्य किया जाता है, जिसे संबंधित अधिकारी ऑनलाइन आवेदन को स्वीकार करते हुए जांच कराकर प्रमाणपत्र जारी करने का कार्य करता है, लेकिन विधानसभा चुनाव का बिगुल बजने के कारण इस समय सभी कार्य सुस्त पड़ चुके हैं। इन्हीं कार्यों में आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र भी शुमार है। इनका भी निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले के सभी छह तहसील सदर, केराकत, शाहगंज, बदलापुर, मछलीशहर, मडि़याहूं में जनवरी तक आय, जाति और निवास के कुल 7352659 आवेदन आए हैं। इसमें से 7143979 आवेदन स्वीकृत हुआ। इस दौरान 7315416 आवेदनों निस्तारित हो चुके हैं लेकिन 17243 आवेदन अभी भी निस्तारित नहीं हो पाए हैं। इन लंबित पड़े आवेदनों के निस्तारण के लिए संबंधित आवेदक रोज संबंधित अधिकारियों सहित कामन सर्विस सेंटर की गणेश परिक्रमा कर रहे हैं, लेकिन उनको मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है। अधिकारी जहां चुनाव का हवाला देकर वापस कर रहे हैं। वहीं, सीएचसी संचालक कन्नी काट रहे हैं, जिससे आवेदकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीएचसी संचालक बड़ा गांव निवासी शास्वत तिवारी बताया कि 100 से अधिक प्रमाणपत्र जाति, आय और निवास के इस समय पेंडिंग पड़े हुए हैं। इसमें से अधिकांश आवेदन आए 30 दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक मात्र एक और दो प्रमाणपत्र ही बन पाए हैं।
सबसे अधिक आय के आवेदन पड़े हैं लंबित
जौनपुर। जिले के सभी छह तहसीलों सदर, केराकत, शाहगंज, बदलापुर, मडि़याहूं, मछलीशहर में सबसे अधिक आय प्रमाणपत्र के आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। इस दौरान आय प्रमाणपत्र के 7881 आवेदन लंबित हैं, जबकि जाति प्रमाणपत्र के 3916 और 5446 आवेदन लंबित पड़े हुए हैं।
चुनाव कार्य के साथ अन्य कार्यों को भी समय से पूरा करने का निर्देश अधिकारियों को दिया गया है, जहां तक आय, जाति और निवास के आवेदनों के लंबित होने की बात है तो यह सतत चलने वाली प्रक्रिया है। इसे तय समय 30 दिन के अंदर निपटाने का कार्य किया जाता है। - रामप्रकाश, अपर जिलाधिकारी (वित्त और राजस्व)