मुंगराबादशाहपुर क्षेत्र के एक ईंट-भट्ठे पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले की मस्तूरी तहसील के राकेश गेंदले और उनकी पत्नी रानी गेंदले काम करते हैं। कोरोना की वर्तमान स्थितियों के चलते दंपती शारीरिक और आर्थिक रूप से परेशान चल रहे थे। इसकी जानकारी होने पर किसी व्यक्ति ने चार लाइन का संदेश बनाकर व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर कर दिया। इसमें पूरे पते के साथ मोबाइल नंबर भी था। संदेश सीफार के जिला प्रतिनिधि को मिला तो उन्होंने पहले खुद दिए गए नंबर पर हकीकत पता की। फिर इस बारे में मुंगराबादशाहपुर के ब्लॉक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक (बीसीपीएम) संतोष यादव को अवगत कराया।
उन्होंने इसकी जानकारी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ता शीला देवी को देकर महिला को पीएचसी मुंगराबादशाहपुर बुलाया और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ आरपी सिंह को दिखाया। उसे सीएचसी से दवाएं मुफ्त में मिल गईं। लोगों ने खाने-पीने के लिए नकद राशि भी दी। डिलीवरी स्टाफ नर्स ज्योत्सना सिंह के सहयोग से बेटी पैदा हुई। जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। लोगों के सहयोग से खुश राकेश गेंदले ने कहा कि अपरिचित होते हुए भी लोगों ने भरपूर मदद की। वह बहुत खुश हैं कि मुश्किल घड़ी में लोगों ने उनकी इतनी मदद की।
आशा कार्यकर्ता शीला देवी, बीसीपीएम संतोष यादव के साथ 102 एंबुलेंस के माध्यम से महिला को इलाज के लिए लाया गया और सामान्य प्रसव हुआ। लड़की पैदा हुई है। जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। महिला को और भी जो दिक्कत थी, उसका भी उपचार किया गया। अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। आगे भी कोई दिक्कत होगी तो मदद के लिए स्वास्थ्य विभाग उपलब्ध रहेगा। -डॉ. आरपी सिंह, एमओवाईसी, मुंगराबादशाहपुर।