सरकार खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा दे रही है। लेकिन, जिले में इसके उलट ही व्यवस्था नजर आ रही है। यहां खेल सुविधाओं के नाम पर जिला स्तर पर एक स्टेडियम के अलावा कुछ भी नहीं है। इतना ही नहीं, यहां फुटबाल के कोच के अलावा दूसरे खेलों के कोच भी नहीं हैं, जिसके कारण खिलाड़ियों की प्रतिभा उस गति से निखर नहीं पा रही है, जितनी की उम्मीद जताई जा रही है।
जिलास्तर पर सिद्दीकपुर में इंदिरा गांधी स्टेडियम है। यहां क्रिकेट, कबड्डी ग्राउंड के अलावा बॉक्सिंग, फुटबॉल तलवारबाजी, बैडमिंटन, हॉकी, टेनिस, खो-खो, हैंडबॉल व कुश्ती आदि खेल की सुविधा है। लेकिन, संसाधन नहीं है। बात अगर कोच को लेकर करें तो यहां फुटबाल के एकमात्र कोच हैं। जिसके चलते यहां अन्य खेलों का अभ्यास करने आने वाले भी खिलाड़ियों को समुचित प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। इसके चलते संपन्न परिवार के ज्यादातर खिलाड़ी वाराणसी, लखनऊ या प्रयागराज चले गए हैं।
......
जिले में फुटबॉल को छोड़कर अन्य खेलों से संबंधित कोच मौजूद नहीं है। इसकी जानकारी शासन को है। वहां से इसके लिए प्रक्रिया चल रही है। वैसे समय-समय पर जब खेल का आयोजन होता है तो बच्चों को सामान उपलब्ध कराया जाता है । जिससे उनको खेलने में दिक्कत न हो।
-सुनील कुमार ,सहायक क्रीड़ा अधिकारी