नाऊपुर गांव स्थित झूला वनस्पति फैक्ट्री सील करते अधिकारी।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने लगभग पांच सौ टन तैयार माल भंडार कक्ष में रखकर शुक्रवार को झूला फैक्ट्री के नाऊपुर प्लांट को सील कर दिया। इससे कंपनी को रोज तकरीबन 25 लाख का नुकसान होगा। जेवीएल एग्रो इंडस्ट्रीज की नाऊपुर स्थित फैक्ट्री में झूला वनस्पति रिफ ाइन एवं सरसों के तेल का वर्ष 1990 से उत्पादन किया जा रहा था।
खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली के विधि अनुभाग ने इस उद्देश्य से लाइसेंस प्रदान किया गया था कि उत्पाद मानव स्वास्थ्य के अनुकूल होगा। निर्माता उत्पाद की जांच कराना सुनिश्चित करेंगे, किंतु इस मामले में कंपनी फेल रही।
शिकायत पर आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन हेमंत कुमार ने जिला अभिहित अधिकारी को जांच का निर्देश दिया। जांच में उत्पादन मानक के प्रतिकूल एवं स्वास्थ्य के लिए हानिकारक पाया गया।
जिला अभिहित अधिकारी जेपी मौर्य की टीम ने 6 मार्च 2016 को जांच में मैनुअल प्लांट में उत्पादन की बात बताई और कंपनी को 25 मार्च 2016 तक कमियों को दूर करने का निर्देश दिया था। अनियमितता एवं मानक के विपरीत उत्पादन पर खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण नई दिल्ली ने फैक्ट्री का लाइसेंस 5 अक्तूबर 2016 को निलंबित कर दिया।
लेकिन फैक्ट्री बंद नहीं हुई। जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार की देर रात तक जांच चलती रही और शुक्रवार को दोपहर अधिकारियों ने लगभग पांच सौ टन तैयार माल भंडार कक्ष में रखकर सील कर दिया। इस तरह कंपनी के लगभग आठ करोड़ का तैयार माल सील कर दिया।