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Jaunpur News: 26 वर्ष पुराने मामले में पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह समेत छह दोषमुक्त

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-कोर्ट ने आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में किया दोष मुक्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
जौनपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय एमपी एमएलए अनुज कुमार जौहर की अदालत ने कोतवाली थाना क्षेत्र में 1 फरवरी 2000 को नारेबाजी प्रदर्शन के दौरान बलवा करने, पुलिस कर्मियों पर ईंट पत्थर चलाने के मामले में कोर्ट ने बलिया के बैरिया से पूर्व भाजपा विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह समेत 6 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।

तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली एके सिंह ने जबानी सूचना थाना कोतवाली में दर्ज कराई थी। 1 फरवरी 2000 को सुरेंद्र प्रताप सिंह, सूबेदार सिंह, संजय पाठक, भूपेंद्र सिंह, देवेंद्र प्रताप सिंह, गुलाबचंद पांडेय व अन्य लोगों के नेतृत्व में 100 से अधिक लोगों का झुंड लाठी-डंडा लेकर नारेबाजी करते हुए कचहरी से होते हुए सरायपोख्ता चौकी में घुस गया और कांस्टेबल सुनील राय और राम बहादुर यादव को तलाशने लगा। न मिलने पर अपशब्दों का प्रयोग करते रहे। पुलिस वालों ने काफी देर तक समझाया तो चौकी के बाहर निकले और दुकानें बंद कराकर दुकानदारों को भी मारते- पीटते चहारसू चौराहे की ओर चले। पुलिसकर्मी शाही पुल पर पहुंचे और जीप रुकवा कर भीड़ को समझाने का प्रयास किया तो सुरेंद्र प्रताप सिंह व अन्य लोग ईंट पत्थर चलाने लगे। सरकारी जीप का शीशा और वायरलेस का माइक तोड़ दी। चालक विक्रम यादव को मारा पीटा। इनसेट
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कई पुलिसकर्मियों को समेत 12 लो हुए थे घायल
वादी प्रभारी निरीक्षक एके सिंह, आरएन सिंह, सीओ सिटी सुरेंद्र सिंह, एसओ सिकरारा, एसओ बक्सा और कई कांस्टेबलों को चोटें आईं। सिटी मजिस्ट्रेट और अपर पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे। 12 घायलों का मेडिकल कराया गया। पुलिस ने विवेचना करके कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। कोर्ट ने आदेश में टिप्पणी करते हुए लिखा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को साबित करने में असफल रहा है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया
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