इन दिनों शिक्षकों की भागदौड़ बढ़ गई है। एक ओर जहां सीबीएसई की परीक्षा चल रही है, वहीं, माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के बोर्ड परीक्षा कराए गए परीक्षा के परिणाम तैयार कराने का काम। शिक्षक एक साथ परीक्षा, मूल्यांकन और प्रैक्टिकल कराने में जुटे हुए हैं। जबकि विभाग मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों पर दबाव बनाए हुए हैं,उन्हें प्रैक्टिकल कराने के बाद मूल्यांकन के लिए बुलाया जा रहा है। ऐसे में उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि जिले के लिए यूपी बोर्ड की आवं टित उत्तर पुस्तिकाओं में से इस समय 50 प्रतिशत उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य पूरा हो गया है। शासन के निर्देश के अनुपालन में दस दिन में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य पूरा कराने के लिए विभाग पूरी ताकत लगा दिया है। अब जिले में करीब 4 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को मूल्यांकन कार्य पूरा हो चुका है।
जिले में कुल 7 लाख 87 हजार 448 उत्तर पु्िस्तकाओं का आवंटन हुआ है। लेकिन अभी तक जिले में 6 लाख 55 हजार 561 लाख उत्तर पुस्तिकाएं ही पहुंची हैं। शेष उत्तर पुुस्तिकाएं अभी आनी हैं। विभाग के अधिकारियों की माने को चार लाख से अधिक कापियों का मूल्यांकन कार्य पूरा हो चुका है। जिले में मूल्यांकन 23 अप्रैल से शुरू है। जिला विद्यालय निरीक्षक राजकुमार पंडित का कहना है कि मूल्यांकन के लिए सात केंद्र बनाए गए हैं। दूसरी ओर चार मई विभिन्न विषयों की प्रायोगिक परीक्षाएं भी कराई जानी है, जिसके लिए भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों का जोर है। ऐसे शिक्षक पहले प्रायोगिक परीक्षा के लिए भेजा जा रहे हैं, जबकि इसके बाद मूल्यांकन के लिए बुला लिए जा रहे हैं।