जौनपुर। पूरे देश में अपनी शायरी के जरिए एक अलग पहचान बनाने वाले मशहूर मारूफ शायर मो. एखलास अहमद ‘इबरत मछलीशहरी’ को गुजरात की राजधानी अहमदाबाद (गांधीनगर) में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके मजमुआ-ए-कलाम ‘हर्फे-आरजू’ के लिए दिया गया। सम्मान के रूप में श्री अहमद को प्रमाणपत्र, 11 हजार रुपये नगद सहित अन्य तमाम पुरस्कार दिए गए।
इस आशय की जानकारी उनके पुत्र तनवीर आलम ने दी। श्री अहमद जिला मुख्यालय से इलाहाबाद मार्ग पर करीब 30 किमी दूर मछलीशहर के निवासी हैं। इनकी शागिर्दगी में तमाम शायर हैं। बता दें कि ‘कुछ लोग बस कुनबे-घराने के लिए होते हैं और कुछ लोग जमाने के लिए होते हैं’ नामक चर्चित शेर देने वाले ‘इबरत मछलीशहरी’ की भाषा और शैली इतनी सरल है कि हर आम और खास लोगों के समझ में आ जाती है। उनके सम्मान मिलने की जानकारी होने पर हिंदी-उर्दू के प्रख्यात शायर विधि वेत्ता डा. पीसी विश्वकर्मा प्रेम जौनपुरी, असीम मछलीशहरी, मोनिश जौनपुरी सहित तमाम शायरों, कवियों, शुभचिंतकों ने इबरत जौनपुरी को बधाई दी।