जौनपुर। पूर्वांचल विवि परिसर में वर्षों से अधूरे भवनों का निर्माण कार्य पूरा कराने का खाका तैयार हो रहा है। परिसर में निर्माण कार्य करा रही कंपनी के ठेकेदार, इंजीनियर और कुलपति के साथ अधूरे कार्यों को पूरा कराने के लिए वार्ता हो चुकी है। शीघ्र ही इन भवनों पर काम शुरू होगा।
विवि परिसर में करीब एक दर्जन भवन अधूरे पड़े हैं। इनके निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च हो चुके हैं, मगर लंबे समय से काम बंद है। लिहाजा इनका कोई उपयोग नहीं हो पा रहा। अधूरे भवनों में केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रीशियन भवन, इनडोर स्टेडियम, ढाई सौ कमरे का हॉस्टल, कैफी संचार भवन लेक्चर थियेटर आदि शामिल हैं। इसमें से कुछ भवन ऐसे हैं जिनका भवन बनकर तैयार है, केवल खिड़की-दरवाजे लगाने बाकी है। पूर्व कुलपति डॉ. राजाराम यादव ने केंद्रीय मूल्यांकन केंद्र, ढाई सौ कमरे का हॉस्टल, इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल भवन का निर्माण कराने जिम्मेदारी ठेकेदारों को सौंप दिया था।
विवि ने कई बार कंपनी को नोटिस देकर भवन निर्माण कराने को कहा लेकिन कंपनी ने न तो भवन के निर्माण कराया और न तो भवन में लगे खर्च का ब्यौरा दिया। अब नवागत कुलपति ने अधूरे भवनों का निर्माण पूरा कराने की तैयारी में हैं। विगत दिनों इंजीनियरिंग संस्थान के डायरेक्टर प्रो. बीबी तिवारी ने इंजीनियर के साथ मूल्यांकन केंद्र का निरीक्षण किया था। कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य ने विवि परिसर में अधूरे पड़े भवनों की सूची तैयार कर शासन को भेज दी है। भवनों का निर्माण करा रही यूपीयार्न कंपनी को भी निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया है।