सद्भावना पुल के पास सड़क के बीच लगे बिजली के पोल को उखाड़कर रखा गया।
शहर को सुंदर बनाने के लिए बीच सड़क पर लगे बिजली के पोलों को हटाने का कार्य शुरू हो गया है। जो नए पोल लगाए जा रहे हैं उस पर पचास साल पुराने जर्जर तारों को बदला जा रहा है। बिजली के तारों को भूमिगत करने की भी योजना है।
पहले अटाला मस्जिद के आस पास के इलाकों में बिजली के तार भूमिगत किए जाएंगे। शहर में बिजली के जो तार और पोल लगाए गए हैं उसमें अधिकतर इलाकों में पचास साल पुराने हैं।
पुराने तार जर्जर हो गए हैं। सड़कों पर बेतरतीब लगे पोल और नीचे तक लटक रहे तार कई स्थानों पर दुर्घटना को भी दावत दे रहे हैं। कनेक्शन के लिए एक- एक पोल से सैकड़ों की संख्या में तार निकाल कर लोगों के घरों में पहुंचाए गए हैं।
शहर के कई स्थानों पर पोल से निकले तार मकड़ जाल की तरह हैं। ऐसे स्थानों पर लाइन मैन को फाल्ट ढूंढने में भी समय लगता है। शहर को सुंदर बनाने के क्रम में बिजली के तार और पोल को व्यवस्थित किया जा रहा है।