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Dust storms are spoiling the health of people, it is a compulsion to walk on the damaged road

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रासमण्डल में सीवर लाईन के लिए खोदी गई सड़क । संवाद - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। शहर के प्रमुख मार्गों में शुमार किला-सिपाह मार्ग पर चलना इस समय दूभर हो गया है। कारण इस सवा किलोमीटर की दूरी वाले मार्ग पर आठ माह से सीवर पाइप डालने का कार्य किया जा रहा है, जिससे मार्ग क्षतिग्रस्त होने से आवागमन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं उड़ रहे धूल के गुबार भी लोगों की सेहत बिगाड़ रहे हैं। सड़क को खोदकर सीवर पाइप डालकर फिर उसे पाटकर उसी छोड़ दिया जा रहा है, जिससे ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। जिसे लेकर लोगों में नाराजगी है। लोगों ने शीघ्र काम पूरा कराकर सड़क का मरम्मत कराने की मांग की है।
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सवा तीन लाख आबादी वाले शहर से निकलने वाला गंदा पानी आदि गंगा गोमती नदी में नहीं गिरे, इसके लिए नमामि गंगे और अमृत योजना के तहत एसटीपी का निर्माण और सीवर पाइप डालने का कार्य किया जा रहा है। इन दोनों योजनाओं के तहत कुल 470.80 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है, जिसमें नमामि गंगे योजना के तहत 206.05 करोड़ और अमृत योजना के तहत 264.77 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत हुई है, जिससे एसटीपी और सीवर पाइप डालने का कार्य किया जा रहा है। नमामि गंगे योजना के तहत किला-सिपाह रोड पर सीवर पाइप डालने का कार्य किया जा रहा है। इस मार्ग की दूरी महज सवा किमी. है, लेकिन आठ माह से सीवर पाइप डालने का कार्य किया जा रहा है। अभी भी इस मार्ग पर सीवर पाइप नहीं डाला जा सका है। उधर, इस मार्ग पर जहां तक सीवर पाइप डाला गया है। वहां तक सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे लोगों को आवागमन करने में परेशानी हो रही है। वहीं उड़ रही धूल भी लोगों की सेहत के लिए खतरा बनी हुई है, लेकिन जिम्मेदारों की ओर से इसके लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है, जिसको लेकर लोगों में रोष व्याप्त है।
- आठ माह से इस मार्ग पर सीवर पाइप डालने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन अभी तक कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इस दौरान सड़क क्षतिग्रस्त होने से आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं हर समय दुर्घटना होने का भी डर बना हुआ है। कई बार शिकायत के बावजूद कुछ नहीं हुआ है। शीघ्र सड़क को बनाने की मांग की। - नन्हकू
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- किला-सिपाह मार्ग की दूरी तकरीबन सवा किमी. है। इस मार्ग पर सीवर पाइप डालने का कार्य किया जा रहा है, लेकिन जहां तक सीवर पाइप डाला जा चुकी है। वहां तक सड़क क्षतिग्रस्त हो गई है, जिसे बनाने का कार्य नहीं किया गया है, जिससे आने जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। शीघ्र सड़क का मरम्मत कराया जाना चाहिए। -डॉ. अशद
- सीवर पाइप डाले जाने से धूल का गुबार उड़ रहा है, जो लोगों के सेहत के लिए खतरा बना हुआ है। इस पर पानी का छिड़काव करने का कार्य नहीं किया जा रहा है, सड़क खोदकर पाइप डालने के बाद उसी तरह छोड़ दिया गया है, जिससे धूल उड़ रही है, दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। - शिशुपाल सिंह
- सीवर पाइप डालने का कार्य दिन की बजाय रात में किया जाना चाहिए, जिससे लोगों को परेशानी न हो, लेकिन सीवर पाइप दिन में डाला जा रहा है और फिर खोदे गए गड्ढे को पाटकर उसी तरह छोड़ दिया जा रहा है, जिससे आवागमन करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जहां तक सीवर पाइप डाली गई है। वहीं तक सड़क का मरम्मत किया जाना चाहिए। - शबाब हसन
- किला-सिपाह मार्ग पर सीवर पाइप डालने का कार्य 15 मई के अंदर पूरा करने का निर्देश दिया गया है। धूल न उड़े, इसके लिए मिट्टी के ऊपर पानी डालने को कहा गया है। साथ ही सीवर पाइप डालने के बाद सड़क को ठीक से पाटने देने का निर्देश दिया गया है। अगर ऐसा हो रहा है तो जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जब पूरा सीवर पाइप डाल दिया जाएगा, तो सड़क का मरम्मत करा दिया जाएगा। - संजय वर्मन, प्रोजेक्ट मैनेजर, जल निगम ग्रामीण वाराणसी
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