नगर के इमिलिया स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में 1.78 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला प्रकाश में आया है। शिकायत मिलने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक, आजमगढ़ मंडल की ओर से जांच कराई गई।
जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर संस्थान के कनिष्ठ सहायक आयुष राय को निलंबित कर दिया गया है। विभाग की ओर से प्रकरण की जांच के लिए उप निरीक्षक, संस्कृत पाठशालाएं, आजमगढ़ मंडल, आजमगढ़ को पदेन जांच अधिकारी नामित किया गया है।
विभागीय आदेश के मुताबिक, कनिष्ठ सहायक आयुष राय के कार्यकाल में डीएलएड (बीटीसी) शुल्क मद में प्राप्त करीब 1.63 करोड़ रुपये की धनराशि का नियमानुसार उपयोग नहीं किया गया। इसके अलावा संस्थान परिसर में कराए गए विभिन्न कार्यों पर भी बिना विभागीय अनुमति धनराशि खर्च की गई।
इन सभी मदों को मिलाकर आदेश में 1 करोड़ 78 लाख 38 हजार 258 रुपये की धनराशि का उल्लेख किया गया है।
शिकायत मिलने पर संयुक्त शिक्षा निदेशक, आजमगढ़ मंडल ने जांच की। जांच में वित्तीय मामलों में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता पाई गई। जेडी ने कनिष्ठ सहायक आयुष राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। निलंबन अवधि में आयुष राय को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, आजमगढ़ से संबद्ध किया गया है।
वहीं, निलंबित कनिष्ठ सहायक आयुष राय ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में उनका पक्ष सुना ही नहीं गया। उनका आरोप है कि केवल गोपनीय शिकायत के आधार पर एकतरफा कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें न तो कोई नोटिस जारी किया गया और न ही शिकायतकर्ता का नाम बताया गया।
फिलहाल, निलंबन के साथ विभागीय जांच शुरू हो चुकी है। जांच, आरोप-पत्र और उसके बाद होने वाली कार्रवाई के आधार पर ही वित्तीय अनियमितता के आरोपों की अंतिम स्थिति स्पष्ट होगी।
इस बाबत डायट प्राचार्य अतुल तिवारी का कहना है कि वित्तीय अनियमितता में संस्थान के कनिष्ठ सहायक को निलंबित कर दिया गया है। प्रकरण की जांच चल रही है। संवाद