ओलंदगंज कचहरी रोड पर चल रहा डाट पुल के चौड़ीकरण का काम।
ऐतिहासिक शहर जौनपुर का कायाकल्प हो रहा है। स्मार्ट सिटी की तर्ज पर विकसित करने के लिए 300 करोड़ की लागत से कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। सड़कें चौड़ी हो रही हैं और चौराहों से अतिक्रमण हटाकर उसका सुंदरीकरण किया जा रहा है। जगह जगह पार्क, शौचालय, यात्री शेड, वेंडिंग जोन, बनाए जा रहे हैं।
शहर के अंदर गाड़ियों की पार्किंग की भी व्यवस्था की जा रही है। तकरीबन दर्जन भर ऐतिहासिक धरोहरों और कई धार्मिक स्थलों वाले इस प्राचीन शहर को पर्यटन के नक्शे पर लाने के लिए काम तेज हो गया है। सभी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की इमारतों की इंटरकनेक्टिविटी के लिए सड़कों को चौड़ा किया जा रहा है।
यही नहीं लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए हर एक किलोमीटर या इससे भी कम दूरी पर शौचालय और पीने के पानी का इंतजाम हो रहा है। गोमती के घाटों को काशी के घाटों की तर्ज पर विकसित करने के लिए भी काम शुरू कर दिया गया है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए रिंग रोड और बाईपास भी बनाने की कवायद शुरू हो गई है।
शहर के पीपीपी माडल की तर्ज पर जेसीज, वाजिदपुर, मुरादगंज, कलीचाबाद, सिपाह, पचहटिया, बड़ी मस्जिद, चहारसू, कुत्तूपुर, पालिटेक्निक आदि चौराहों का सुंदरीकरण किया गया है। कई चौराहों पर फौव्वारे भी लगाए गए हैं। शहर में बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने, सीवर लाइन बिछाने, लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैय्या कराने, आडिटोरियम बनाने, रिंग रोड, बाईपास, बनाने की कवायद शुरू हो गई है।