बक्शा। क्षेत्र के बशारतपुर गांव में नाला खाते की जमीन पर करीब 20 वर्ष पूर्व वन विभाग द्वारा लगाए गए सैकड़ों पेड़ों में करीब 50 हरे पेड़ प्रधान द्वारा कटवाए जाने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया है। ग्रामीणों ने प्रधान पर पेड़ कटवाकर खनन कार्य करवाते हुए मिट्टी भी बेच देने का आरोप लगाया है।
गांव निवासी अमित कुमार ने जिलाधिकारी, एसडीएम, डीएफओ एवं पर्यावरण मंत्रालय को लिखित शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि गांव की नाले की जमीन पर करीब 20 वर्ष पूर्व पर्यावरण की दृष्टि से हरियाली के तहत वन विभाग द्वारा आम, महुआ, शीशम सहित सैकड़ों पेड़ों को लगाया था। आरोप है कि बीते 27 जनवरी की रात्रि प्रधान पति संजय ने करीब 50 हरे पेड़ों को रात्रि में आनन-फानन में कटवा दिया। खनन कार्य करवाते हुए मिट्टी निकलवाया जा रहा है। अगले दिन सुबह छह बजे जब ग्रामीणों को जानकारी हुई तो मौके पर पहुंच विरोध दर्ज करवाते हुए मिट्टी खनन कार्य रुकवा दिया गया। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत करते हुए पर्यावरण को क्षति पहुंचाने पर प्रधान के खिलाफ जांच कर कार्यवाही की मांग की है। ग्राम प्रधान पति संजय ने बताया कि हाईवे वालों ने मिट्टी उठाया है। कुछ पेड़ को हम गोशाला के लिए अपने पास रख लिए है। बाकी पेड़ ग्रामीण काटकर उठा ले गए।