बक्शा। क्षेत्र के सरौली गांव में रंजिश को लेकर 30 मई को हुई मारपीट में घायल वृद्धा की इलाज के दौरान बृहस्पतिवार की रात बीएचयू में मौत हो गई। परिजन शव का पोस्टमार्टम करवाकर देर रात घर पहुंचे और शुक्रवार की सुबह शव को दरवाजे पर रख कर आरोपियों की गिरफ्तारी करने की मांग करने लगे। कहा कि गिरफ्तारी के बाद ही शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष ओमनारायण सिंह ने परिजनों को समझाया तो 11 बजे परिजन शव लेकर रामघाट के लिए रवाना हुए।
गांव निवासी महाबल प्रजापति ने बताया कि घटना के दिन रात्रि में घर पर आए मेहमानों को खिलाया पिलाया जा रहा था। तभी मनबढ़ पट्टीदारों ने लाठी डंडों तथा धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इसमें हमले में 65 वर्षीय महाबल प्रजापति, 60 वर्षीय शकुंतला के अलावा मनीष, प्रवीण, संदीप, अरविंद, सुमित्रा, सुनीता और अंजली घायल हो गए थे। जिला अस्पताल के चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति को देख शकुंतला को बीएचयू रेफर कर दिया। इलाज के दौरान घटना के 16 दिन बाद शकुंतला की मौत हो गई। थानाध्यक्ष ने बताया कि मृत शकुंतला के शव को परिजन घर पर रख आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। उन्हें समझा बुझाकर अंत्येष्टि के लिए भेज दिया गया। दर्जन भर लोगों की गिरफ्तारी भी की गई है। पूछताछ की जा रही है।