पूर्वांचल विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में बुधवार को कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र, महिला अध्ययन केंद्र, राष्ट्रीय सेवायोजना और फ्रेगरेंस फ्लेवर डेवलपमेंट सेंटर (एफएफडीसी) के संयुक्त तत्वावधान में आओ कौशल बढ़ाएं, उद्यमी बनाएं और रोजगार दिलाएं विषय पर एक अभिप्रेरणा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
बतौर मुख्य अतिथि एफएफडीसी के निदेशक शक्ति विनय शुक्ला ने सुगंध एवं स्वाद उद्योग की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह उद्योग आगे बढ़ा है। खाद्य तथा अन्य सुगंधित पदार्थों में पेड़ पौधों के तेल का उपयोग होता है। उन तेलों की कीमत सोने से भी अधिक होती है। साबुन में खुशबू या लेप में महक आदि के लिए इसी प्रकार के पेड़-पौधों का उपयोग किया जाता है। लेमन ग्रास, तुलसी, गुलाब, चमेली आदि की खेती काफी लाभप्रद होती है।
कुलपति प्रो. निर्मला एस मौर्य ने कहा कि यह बड़े ही गौरव का विषय है कि आज कौशल विकास एवं प्रशिक्षण केंद्र तथा महिला अध्ययन केंद्र के सहयोग से हम लोग एफएफडीसी के साथ कार्य करते हुए समाज को कौशल एवं रोजगार से जोड़ने में आगे बढ़ सकेंगे।
विशिष्ट अतिथि और उद्योगपति अतुल अग्रवाल ने कहा कि इत्र से लाभ प्राप्त होता है। लेकिन, आवश्यकता के अनुरूप तकनीकी ज्ञान के अभाव में हम लोग उसका उत्पादन नहीं कर पाते। इस अवसर पर वित्त अधिकारी संजय राय, महिला अध्ययन केंद्र प्रभारी डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, एसके यादव, उद्योगपति ओम प्रकाश जायसवाल ने विचार व्यक्त किया।