जिला पंचायत के निर्माण कार्यों में गोलमाल का मामला सामने आने के बाद डीएम ने पूरी पत्रावली तलब कर ली है। डीएम के पत्रावली मंगाते ही ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है। कारण 26 करोड़ के हुए टेंडर में गोलमाल हुआ है। इसमें से 12 करोड़ 18 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया है।
इसमें से अधिकतर कार्य शुरू ही नहीं हुए हैं। जो कार्य शुरू हुए हैं, उसमें गुणवत्ता की अनदेखी की गई है। जिला पंचायत में 237 निर्माण कार्यों का टेंडर कम प्रसार संख्या वाले अखबारों में निकलवाकर खानापूर्ति की गई है। जबकि सच्चाई यह है कि कमीशन लेकर टेंडर मैनेज हुआ है। किसी को करोड़ों में तो किसी को लाखों में काम मिला है।
इसे लेकर ठेकेदारों में असंतोष है। 237 निर्माण कार्यों पर तकरीबन 25 करोड़ 73 लाख रुपये खर्च होने हैं। सूत्रों की मानें तो जिले के कई विकास खंडों में निर्माण कार्य शुरू तो कराया गया लेकिन एम- 30 ईंट का प्रयोग नहीं किया जा रहा है।यही नहीं ओपेन टेंडर न कराकर ठेका मैनेज करने के नाम पर बड़ी खेल हुई है।
इस खेल में कौन कौन शामिल है यह तो जांच में ही उजागर हो सकेगा। जिला पंचायत में तकरीबन 275 ठेकेदार पंजीकृत हैं और 82 जिला पंचायत सदस्य चुनकर आए हैं। जबकि एक पद पर अभी चुनाव हो रहा है। बता दें कि राज्य वित्त में जिला पंचायत में निर्माण कार्यों का वार्षिक बजट 33 करोड़ का है। इसमें दो माह पहले एक किस्त आठ करोड़ की आ चुकी है। जबकि करीब 17 करोड़ का बजट पिछले वित्तीय वर्ष में खर्च नहीं हो सका था।