पूर्वांचल विश्वविद्यालय (फाइल फोटो)
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एमएनआईटी के गोल्ड मेडलिस्ट थे डॉ. आदित्य
पूविवि के रज्जू भइया संस्थान में गणित विभागाध्यक्ष के पद पर तैनात डॉ. आदित्य मणि ने एमएनआईटी प्रयागराज से पढ़ाई की थी। वह बीएससी और एमएससी दोनों में ही गोल्ड मेडलिस्ट थे। क्रिप्टोग्राफी में उनकी विशेषज्ञता थी। इसी वर्ष अप्रैल में उन्होंने कोरोना वायरस के प्रसार और नियंत्रण विषय पर शोध पत्र भी तैयार किया था। उनके करीबियों के मुताबिक डॉ. आदित्य लोगों से बेहद कम मेलजोल रखते थे। पिछले कुछ दिनों से उनका व्हाट्सएप भी बंद था।
डॉ. आदित्य इसके पूर्व कोटा स्थित राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी में तैनात थे। वहां से एक वर्ष के अवकाश पर वह पूविवि आए थे। करीबियों के मुताबिक घर से नजदीकी होने के कारण ही उन्होंने यहां जॉब चुना था। यहां मन लगने के बाद वह शीघ्र ही राजस्थान की जॉब छोड़ने वाले थे। सहकर्मियों के मुताबिक उनका व्हाट्सएप कुछ दिनों से बंद था।
इसके लिए उन्होंने मोबाइल खराब होने का हवाला दिया था। वह कम मिलते-जुलते थे, इसलिए कोई ज्यादा पूछताछ भी नहीं करता था। शनिवार को ही उन्होंने संस्थान के अन्य शिक्षकों के साथ मिलकर वर्कशॉप के आयोजन पर चर्चा की थी।
नवंबर में वह वृहद वर्कशॉप के आयोजन की तैयारी में थे। विवि के शिक्षकों ने बताया कि उनसे मिलने के बाद कभी भी नहीं लगता था कि वह किसी तनाव में हैं। चेहरे पर भी इस तरह का कोई भाव स्पष्ट नहीं होता था। परिवार में पत्नी और एक बच्चा है।