आरोपी दो महीने से होम लैंड सोसाइटी में रह रहे थे। उन्होंने फ्लैट किराये पर लिया था। इस दौरान वे आईपीएल समेत कई अन्य मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगवाते थे। प्रत्येक मैच पर चार से पांच लाख का सट्टा लगता था। अब तक पैंतीस से अधिक मैचों पर यह लोगों से पैसे लगवा चुके थे। होम लैंड सोसायटी को इसलिए चुना था क्योंकि यहां वीआईपी रहते हैं और कोई भी आसानी से नहीं घुस सकता।
ऑनलाइन के अलावा नकद भुगतान करते थे
आरोपी सट्टे का सारा कारोबार डिजिटल तरीके से ही करते थे। वे लोगों के पैसे पेटीएम व गूगल पे के माध्यम से लगवाते थे। इतना ही नहीं, जो लोग जीत जाते थे, उन्हें वे उनके बताए पते पर भुगतान कर देते थे। इसके लिए उन्होंने अपनी टीम बना रखी थी।
जीरकपुर और हिसार में दर्ज हैं केस
आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि वह काफी समय से इस काम में लगे हुए थे। उन पर हिसार और जीरकपुर में भी केस दर्ज हैं। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में सभी राज्यों को अलर्ट भेजा है। साथ ही इनके संबंध में उचित जानकारी मांगी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी हुई है कि इनके संबंध किसी बड़े क्रिकेट खिलाड़ी से तो नहीं हैं।
संपत्ति का रिकॉर्ड जुटाया जा रहा है
पुलिस अब आरोपियों द्वारा बनाई गई संपत्ति का रिकॉर्ड भी जुटा रही है। पुलिस यह देख रही है कि करीब छह साल में इन्होंने कितनी संपत्ति बनाई हुई। इसके अलावा इन लोगों के किन और बैंकों में खाते हैं। इसकी भी जांच चल रही है।