डोभी। चंदवक थाना क्षेत्र के भूलनडीह (दुम्मा) गांव के पूर्व प्रधान बृजेश सिंह (45) की बुधवार रात गोली मारकर हुई हत्या के मामले में पुलिस ने ग्राम प्रधान समेत नौ आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई मृतक के चाचा पूर्व प्रधान स्वामीनाथ सिंह की तहरीर पर की है। उधर, शव का पोस्टमार्टम कराकर गुरुवार को पुलिस ने परिजनों को सौंप दिया। पुलिस हत्यारोपियों की तलाश में जुट गई है।
भूलनडीह के पूर्व प्रधान बृजेश सिंह की बुधवार की रात गांव की मुस्लिम बस्ती के पास उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह अपने चाचा के साथ किसी ब्रह्मभोज में शामिल होकर घर लौट रहे थे। पुलिस को दी गई तहरीर में पूर्व प्रधान स्वामीनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि वह अपने भतीजे पूर्व प्रधान बृजेश सिंह के सात ब्रह्मभोज में शामिल होकर एक साथ बाइक से घर लौट रहे थे। गांव में मुस्लिम बस्ती के पास पहुंचे थे, तभी बदमाशों ने बाइक से धक्का मारकर गिरा दिया और बृजेश सिंह पर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर हत्या कर दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने भूलनडीह गांव की प्रधान सोनी सिंह पत्नी स्वर्गीय राधेश्याम सिंह और उनके ससुर केदारनाथ सिंह, इसी गांव के उमाशंकर सिंह, लाल बहादुर सिंह, राजेश सिंह, लोहराखोर निवासी रवींद्र शर्मा, विनय शर्मा, जरासी गांव निवासी धर्मेंद्र सिंह, वाराणसी के चोलापुर थाना क्षेत्र के डिहवा गांव निवासी सोनू सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक काले रंग की स्कार्पियो को कब्जे में ले लिया है।
जौनपुर। भूलनडीह के पूर्व प्रधान बृजेश सिंह की हत्या को 23 मई 2016 को कुछ इसी अंदाज में हुई भूलनडीह गांव के बीडीसी सदस्य राधेश्याम सिंह की हत्या से जोड़कर देखा जा रहा है। 23 मई 2016 को राधेश्याम सिंह और इसी गांव के निवासी सिपाही विनय कुमार कार से घर से निकले थे। वे कर्रा कालेज छावनी के पास पहुंचे थे, तभी बदमाशों ने कार को रोककर अंधाधुंध फायरिंग कर दोनों की एक साथ हत्या कर दी थी। उस घटना में मृतक राधेश्याम के घरवालों ने बृजेश के चचेरे भाई पंकज के खिलाफ भी केस दर्ज कराया था। पंकज पर आरोप थे कि उन्होंने ही राधेश्याम जब घर से निकले थे तो मुखबिरी की थी। उनकी सूचना पर ही बदमाशों ने रास्ते में घेरकर गोली मारकर उनकी हत्या कर दी थी।
डोभी। चंदवक थाना क्षेत्र के भूलनडीह गांव में बदमाशों की गोली के शिकार हुए पूर्व प्रधान बृजेश सिंह की मौत से उनके परिवार पर गमो का पहाड़ टूट पड़ा है।
बृजेश सिंह तीन भाइयों में सबसे बड़े थे।उनके दूसरे भाई धीरेन्द्र वाराणसी में अध्यापक है जबकि तीसरे सबसे छोटे भाई रिशु घर पर ही खेती का काम करते है। बृजेश सिंह एक बेटी व एक बेटे के पिता थे।पति की मौत के बाद पत्नी साधना सिंह समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल है। बृजेश सिंह भुलडीह गांव से 2010 में ग्राम प्रधान चुने गए थे। गांव में तनाव की स्थिति के मद्देनजर सर्किल के सभी थानों के पुलिस फोर्स और पीएसी तैनात कर दी गई है।