डोभी। राजस्थान के कोटा शहर के पास सड़क हादसे में जान गंवाने वाले बीरीबारी गांव के एक ही परिवार के चार सदस्यों का शव सोमवार को घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। एक साथ पति-पत्नी और दो बेटियों का शव देख लोगों की आंखें डबडबा गईं। परिवार की महिलाएं शव से लिपट कर रोने लगीं तो गांव के लोग ढांढस बंधाने की हिम्मत कोई नहीं जुटा पा रहा था। गोमती नदी के गाय घाट पर एक साथ चारो के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। घाट पर एक साथ चारों की चिता जलती देख लोग अपने आंसू नहंीं रोक सके।
चंदवक थाना क्षेत्र के बीरीबारी गांव निवासी निवासी सतीश यादव (32) उनकी पत्नी इंद्रावती(30), पुत्री आरुषि(9) व आंचल(7) की राजस्थान के कोटा जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 27 के बारा कस्बे के पास सड़क दुर्घटना में हुई मौत शनिवार को मौत हो गई थी। सतीश अहमदाबाद प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। वह अपनी भंजी की शादी में शामिल होने पत्नी और बच्चों के साथ घर आए थे। घर से वह बोलेरो में सवार होकर अहमदाबाद जा रहे थे कि रास्ते में हादसे के शिकार हो गए। हादसे की सूचना पर रविवार को ही परिवार के सदस्य मौके पर पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम के बाद चारों का शव सुबह घर लाया गया। मौके पर जुटे सैकड़ों लोग महिलाओं, बच्चों का करनुण क्रंदन से पूरे गांव में मातम छा गया। हादसे में सतीश का 11 वर्षीय बेटा घायल है। मृतक सतीश के पिता बाल मुकुंद, मां विमला देवी, भाई संतोष, संजू, श्रवण, बाबा अमरनाथ, बहनों सहित परिवार के अन्य लोगों का रो रोकर बुरा हाल है। सभी की अंत्येष्टि गोमती किनारे गाय घाट पर की गई। मुखाग्नि पिता बालमुकुंद ने दी।