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केस दर्ज न कर पुलिस ने पीड़ितों से लिखवाया नहीं चाहते कार्रवाई

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मुंगराबादशाहपुर। क्षेत्र के मुंगरडीह गांव में छ: नवंबर की रात 16 की संख्या में बदमाशों ने कई घरों की छतों पर चढ़कर घर के अंदर घूसने का प्रयास किया। एक घर से बक्शा भी उठा ले गए। संयोग से उस बक्शे में कुछ नहीं था। इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद भी पुलिस ने कोई केस दर्ज नहीं किया है। एसपी ने पूछा तो उन्हें जुआरी बताकर मामले की इतिश्री कर दी। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद पुलिस ने पीड़ितों पर दबाव देकर लिखवा लिया कि वह कोई कार्रवाई नहीं चाहते हैं। एसपी ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा है कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और अगर पुलिस ने ऐसा किया होगा तो कार्रवाई होगी।
छ: नवंबर की रात में मुगरडीह गांव में अचानक 16 की संख्या में लाठी डंडे से लैस बदमाश आ धमके। कुछ ने मुंह ढक रखा था। 16 बदमाशों में एक दर्जन बदमाश हाफ पैंट व टी शर्ट में थे जो सीसीटीवी में कैद हैं। बदमाश सूबेदार प्रजापति के घर से सीढी उठा लाए और कई लोगों के घरों की छतों पर चढ़कर अंदर घुसने की कोशिश किए। सुधाकर उपाध्याय के घर मे घुसे कुछ ले जाने में नाकामयाब रहे। सत्यपाल वर्मा के छत पर चढ़कर लोहे की जाली तोड़कर अंदर घुसने का प्रयास किये लेकिन वहां भी कामयाबी नहीं मिली। रवींद्र बहादुर सिंह के मकान की छत पर चढ़कर दरवाजा तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। तभी गांव के शिवराम पटेल शौच के लिए खेत में गए थे तो खटपट आवाज सुनकर उन्होंने टार्च जलाया और जोर जोर से चिल्लाने लगे। बदमाश शोर सुनकर भाग खड़े हुए। 4 वर्ष पहले कस्बे के अंतिम छोर नई बाजार मुहल्ले में बावरिया गिरोह ने तांडव मचाया था। रमाशंकर निवासी गोवर्धनपुर की सर्राफ की दुकान पर धावा बोलकर लाखों के जेवरात व नगदी लूट लिया था। विरोध करने पर दूकान के सामने सो रहे महेश मोदनवाल को डंडे से मारकर गंभीर रुप से घायल कर दिया था। 2006 में रात 10 बजे ही बावरिया गिरोह के एक दर्जन सदस्यों ने मुगरडीह गांव में शक्ति फीलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप पर धावा बोलकर लाखों रुपए लूट लिये थे। पेट्रोल पंप मालिक हनुमानदीन गुप्त को डंडे से पीटकर गंभीर रुप से जख्मी कर दिया था। बावजूद इसके पुलिस ने न तो केस दर्ज किया और न ही सीसी टीवी फुटेज खंगालकर यह पता किया कि लोगों के घरों में चोरी का प्रयास करने वाले कौन थे। संयोग ही था कि बड़ी घटना नहीं हुई। अमर उजाला में खबर छपने के बाद एसपी ने फटकार लगाया तो उन्हें ही फर्जी सूचना दे दी। उनको जो फुटेज दिया गया उसमें सिर्फ कुछ लोग दौड़ रहे हैं। जब कि मुंगराबादशाहपुर पुलिस के बाद छत से बदमाशों के कूदने की फुटेज भी है। लेकिन यह अंश काटकर एसपी को भेजा गया। इंस्पेक्टर शशिभूषण राय का कहना है कि कोई तहरीर नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि सीसी टीवी की जांच के लिए चौकी इंचार्ज को लगाया गया है।
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कोट--
मुंगराबादशाहपुर पुलिस ने जो सीसीटीवी फुटेज भेजा है। उसमें कुछ लोगों के दौड़ने की फुटेज आई है। अगर बदमाशों के छत से कूदने की फुटेज पुलिस छिपा रही है और पीड़ितों से यह लिखवाया जा रहा है कि वह कार्रवाई नहीं चाहते तो मामले की सीओ से जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।
दिनेश पाल सिंह
एसपी
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