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तीन बेटियों को एक साथ खोकर पथरा गई मां की आंखे

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मडिय़ाहूं। तालाब में डूबने से तीन बेटियों की एक साथ मौत से मां ऊषा पटेल की आंखे पथा गई। घर के काम में व्यस्त मां को इन बेटियों ने जल्दी ही नहाकर वापस आने का भरोसा देकर गई थी। मां उनका रास्ता निहार रही थी लेकिन बेटियों के आने के बजाय उनकी मौत की मनहूस खबर मिली तो वह चीख कर कुछ देर के लिए अचेत हो गई। होश आने पर भी उन्हें कुछ सूझ नहीं रहा। कभी वह कभी रूमा तो कभी अमीषा तो कभी रेनू का नाम लेकर विलाप कर रही हैं।
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राजापुर प्रथम गांव निवासी अच्छेलाल पटेल महाराष्ट्र के भिमंडी शहर में रहकर धागा बनाने की कंपनी में नौकरी करते हैं। घर पर उनकी पत्नी ऊषा बेटियों के साथ रहती थी। ऊषा के पास कुल छह बेटियां थीं। बड़ी बेटी पूनम (27) और चंद्रिका (23) की शादी हो चुकी है। जबकि अमीषा, रेनू, रूम और पांच वर्ष की महिमा मां के साथ घर रहती हैं। घर पर मां के साथ रहने वाली तीनों बहने पढ़ाई करती थी। रविवार को तीन बेटियों की एक साथ मौत हो गई। तालाब से निकाल कर तीनों बहनों को जब एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया और डाक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया तो इसकी खबर गांव में पहुंची। गांव की चार लड़कियों की मौत से पूरे गांव में कोहराम मच गया। अपनी बेटियों को देखने के लिए ऊषा अस्पताल जाना चाहती थी लेकिन परिवार के लोगों ने यह कहते हुए रोक दिया कि उनका अभी इलाज चल रहा है। लेकिन कुछ देर बाद ही घटना की हकीकत ऊषा को पता चल गई। तीन बेटियों को एक साथ खोने वाली मां का विलाप देख लोगों की आंखे डबडबा गईं। इसी हादसे में मृत पूजा (14) अपने नाना के घर रहकर पढ़ाई करती थी। पूजा के पिता नेवढिय़ां थाना क्षेत्र के विजगिरी निवासी प्रेम पखकाश पटेल साधारण किसान हैं।
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