जौनपुर। अगलगी की हुई अलग अलग घटनाओं में खलिहान में खी गेहूं की सैकड़ों बोझ फसल, पेड़, पौधे और दो रिहायशी छप्पर जलकर राख हो गए। आग बुझाने में एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई। उसे जिला अस्पताल से वाराणसी रेफर कर दिया गया।
जफराबाद क्षेत्र के मुरारा गांव निवासी संजय चौहान की पत्नी छाया देवी (32) बुधवार को दोपहर खाना बना रही थी। चूल्हे की चिंगारी से रिहायशी छप्पर में आग लग गई। वह आग बुझाने का प्रयास कर रही थी तभी साड़ी में आग लग गई और वह गंभीर रूप से झुलस गई। उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया गया जहां से वाराणसी रेफर कर दिया गया। रिहायशी छप्पर जलकर राख हो गया।
थानागद्दी क्षेत्र के जखियां गांव के बगीचे में मंगलवार की रात्रि अज्ञात कारणों से आग लग जाने के कारण पेड़ पौधे व बांस की कोठी जलने लगी। लपटें देख ग्रामीण आग बुझाने में जुट गए। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। ग्रामीणों ने बताया कि अभी तीन माह पहले यूकेलिप्टस, नीम, आम आदि के लगभग पचास पेड़ लगाए गए थे जो पूरी तरह जल गए। पास में बांस की कोठ भी जल गई। आग लगने के कारणों का कोई पता नही चल सका।
मछलीशहर क्षेत्र के जमालपुर गांव में शार्ट सर्किट के दौरान निकली चिंगारी से दो रिहायशी छप्पर सहित सैकड़ों बोझ गेहूं जल कर राख हो गया। गांव निवासी बलराम यादव अपने घर के सामने दो जगह लगभग 2500 पुआल का बोझ जानवरों को खिलाने के लिए रखे थे। सुबह लगभग दस बजे अचानक शार्ट सर्किट से चिंगारी निकली और पुआल का ढेर जलने लगा। जब तक लोग कुछ समझ पाते कि आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। बगल में मड़ाई के लिए रखा सैकड़ों बोझ गेहूं भी जल गया। भतीजा लक्ष्मी शंकर यादव के रिहायशी छप्पर में रखा दस कुंतल गेहूं व दो मोटर भी जल गया। पीड़ित के अनुसार सूचना के डेढ़ घंटे बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची तब तक सब कुछ जलकर नष्ट हो गया था।