जौनपुर। जिले के अलग अलग थाना क्षेत्रों में शनिवार को आग ने तबाही मचाई। खपरैल समेत 20 रहायशी छप्पर और उसमें रखे नकदी, जेवरात, खाद्यान समेत लाखों का सामान जलकर राख हो गया। फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों की मदद से आग पर काबू पाया गया। घटना में एक भैंस की भी झुलसकर मौत हो गई।
बरसठी क्षेत्र के परियत गांव निवासी ओमप्रकाश गौतम और पांचू गौतम के घर की महिलाएं चूल्हे पर खाना बना रही थी तभी मड़हे में आग लग गई। दोनों परिवारों का मकान और गृहस्थी के राख हो गया। महराजगंज क्षेत्र के बैहारी गांव में लगी आग में जलकर 10 परिवारों के 15 रिहायशी झोपड़ियां और उसमें रखे नकदी, जेवरात समेत पांच लाख से अधिक का सामान जलकर राख हो गया। दोपहर में सीताराम यादव के रिहायसी छप्पर में आग लग गई। उनका पांच रिहायशी छप्पर, बाइक, साइकल, 10 कुंतल चावल आदि सामान जल गया। जबतक लोग आग बुझाते तबतक पास में ही स्थित विजय बहादुर के पांच रिहायसी छप्पर, उसमें रखा तीस हजार नकदी, दो लाख के गहने, रामजीत का 2 छप्पर घर गृहस्थी का समान, समरजीत का 3 छप्पर घर गृहस्थी का समान, लालजी, इंद्रजीत के दो दो रामधनी का 3, रोशन लाल का एक, मोहनलाल का दो छप्पर, सोहनलाल और सुदामा के दो दो छप्पर जलकर राख हो गए। सूचना पर पहुंचे फायर ब्रिगेड और ग्रामीणों की मदद से आग बुझाई गई।
सिकरारा के शेरवा गांव निवासी विजय बहादुर गौड़ के पशु शाला व रिहायशी जलकर राख हो गया। आग पहले रिहायशी छप्पर में लगी जो तेज हवा के चलते पशुशाला तक पहुंच गई। पशुशाला में बंधी भैंस की झुलसकर मौत हो गई। सिंगरामऊ के लच्छीपट्टी गांव निवासी कृष्ण चंद दुबे का सिंघावल गांव में खेत है। गेहूं की फसल में शार्टसर्किट से आग लग गई जिससे पांच विस्वा फसल जलकर राख हो गई। केराकत क्षेत्र के सरायबीरू गांव निवासी अरविंद पांडेय की छह विस्वा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग लगने का कारण पता नहीं चल सका। उधर केराकत के कुसैला गांव में शाम करीब चार बजे सूखी पत्तियां जलाने में चर रिहायशी छप्पर जल गए। दो लाख से अधिक की सम्पत्ति जलकर राख हो गई।गांव की राधिका देवी के रिहायशी मड़हे के पास गांव के कुछ बच्चे सूखी पत्तियां जला रहे थे। तेज हवा के चलते आग मड़हे तक पहुंच गई। देखते ही देखते पड़ोसी मीनादेवी, शिवकुमारी और शम्भू वर्मा के मड़हे भी जलने लगे। आग से सभी के मड़हे में रखा हो गए।