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अनुसूचित जाति का पुजारी रखने पर विवाद

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12- बरसठी क्षेत्र के परियत गांव में हुए मंदिर के विवाद के बाद लोगों को समझाती पुलिस। - फोटो : JAUNPUR
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बरसठी। परियत बाजार में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर में पुजारी की तैनाती की बात पर बाजारवासी और अनुसूचित जाति के लोगों में विवाद हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले गई जहां देर तक चली पंचायत में भी बात नहीं बनी। एसडीएम और क्षेत्राधिकारी ने दीपावली बाद गांव में ही आकर मामले का निस्तारण करने की बात कहकर सभी को घर लौटा दिया। एक पक्ष का कहना है कि वह अपने चक के बीच से मंदिर तक जाने नहीं देगा और मंदिर में अपना पुजारी नियुक्त करेगा जबकि दूसरा गुट इसके लिए तैयार नहीं है।
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अनुसूचित जाति के लोगों ने अपने किसी व्यक्ति को मंदिर का पुजारी बना दिया। इसकी जानकारी होते ही बाजार व आसपास गांवों सैकड़ों लोग मंदिर पर पहुंच गए। दूसरे पक्ष के लोगों से कहासुनी होने लगी। मंदिर पर भीड़ बढ़ती देख अनुसूचित जाति के लोग मंदिर पर जाने के रास्ते को खोदने लगे। स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सूचना पर भारी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई और दोनों गुटों को थाने पर ले आई। थाने में काफी देर तक पंचायत चलती रही। एसडीएम मडिय़ाहूं कौशलेश मिश्रा व क्षेत्राधिकारी अवधेश शुक्ला ने पंचायत से हल निकलते न देख कर दीपावली के बाद गांव में आकर फैसला करने को कहा। साथ ही यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।
पूर्व प्रधान राधेश्याम गुप्ता, उमाशंकर तिवारी, प्रधानपति श्रीराम गुप्ता, बलजीत सिंह, सोनू सिंह, विकास सेठ बबलू गुप्ता, रमेशचंद गुप्ता का कहना है कि अनुसूचित जाति लोग मंदिर पर कब्जा करना चाहते हैं। दूसरे पक्ष का कहना है कि वे अपने चक से मंदिर पर जाने के लिए रास्ता नही जाने देंगे। एसडीएम मडिय़ाहूं कौशलेश मिश्रा ने कहा कि अगर रास्ता पुराना है तो बंद नहीं किया जाएगा। चाहे वह किसी की चक ही क्यों न हो। इंस्पेक्टर मुन्ना राम का कहना है कि मामला मंदिर पर कब्जा करने का नही बल्कि रास्ते के विवाद को लेकर है।
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बुजुर्ग से दुर्व्यवहार पर भड़के ग्रामीण
बरसठी। थाने में पंचायत चल रही थी उसी दौरान एसडीएम कौशलेश मिश्रा ने गेरुआ वस्त्रधारी केशव प्रसाद मिश्रा को ढोंगी साधु कह दिया। इस बात पर गांव के लोग भड़क गए। उनकी एसडीएम से नोकझोंक हो गई। मामला बिगड़ता देख सीओ अवधेश शुक्ला ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर किसी तरह शांत कराया।
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