जलालपुर में ग्रामीणों द्वारा हाईवे निर्माण रोके जाने पर पहुंचे अधिकारी।
क्षेत्र के ग्राम पंचायत महिमापुर व बिबनमउ के आक्रोशित किसानों ने मंगलवार दोपहर में फोरलेन निर्माण का कार्य रोक दिया। ग्रामीण मुआवजा नहीं मिलने से गुस्सा में थे। उन्होंने शीघ्र मुआवजा देने की मांग की। कहा कि मुआवजा मिलने के बाद फोरलेन का निर्माण करने दिया जाएगा।
वाराणसी से लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग पर फोरलेन निर्माण के लिए ग्राम पंचायत महिमापुर व बिबनमउ के किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है। इस दौरान किसानों को अधिग्रहित किए गए भूमि का मुआवजा देने की बात कही गई थी। लेकिन अभी तक किसानों को मुआवजा नहीं मिला।
मंगलवार को गायत्री कंस्ट्रक्शन कंपनी के लोगों ने दोनों गांवों की अधिग्रहित की गई भूमि पर फोरलेन बनाने का कार्य प्रारंभ किया। कंपनी के कर्मचारियों द्वारा मार्ग बनाने के लिए जेसीबी लगाई गई। तभी दोनों गांवों के ग्रामीणों ने मौके पर पहुंच कर सड़क निर्माण का कार्य रोकवा दिया। शीघ्र मुआवजा देने की मांग की। साथ ही मुआवजा मिलने के बाद फोरलेन बनने देने की चेतावनी दी। सूचना पाकर एसडीएम केराकत जगदम्बा सिंह व एनएचआई के साइड इंजीनयर सत्यप्रकाश तिवारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों को समझाया कि लेखपाल व कानूनगो से जांच कराया जाएगा की किसकी कितनी जमीन सड़क में जा रही है। उस हिसाब से पड़ताल के बाद मुआवजा दिया जाएगा। इस दौरान प्रधान राजेश मिश्रा, सुरेंद्र नाथ मिश्र, सुरेंद्र बहादुर सिंह, जय सिंह, प्रशांत कुमार मिश्र, अशोक सिंह, मुसाफिर, अनवर, मनीष यादव, इंद्रभूषण मौर्य, पवन यादव, विजय यादव आदि किसान मौजूद रहे।