खुटहन। केंद्र की सरकार ने उद्योगपतियों के इशारे पर किसानों को गुलाम बनाने के लिए तीन कृषि कानून बनाये थे। किंतु देश के सैकड़ों किसानों ने अपने प्राणों की आहुति देकर सरकार को झुकने पर मजबूर कर दिया, जिससे तीनों कृषि कानूनों को सरकार को वापस लेना पड़ा। उक्त बातें कांग्रेस पार्टी के जिला उपाध्यक्ष राकेश मिश्र ने रविवार को किसान बिल व महंगाई के खिलाफ निकली पदयात्रा और खुटहन चौराहे पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा।
उन्होंने कृषि बिल वापस लेने को किसानों की जीत बताते हुए कहा कि सैकड़ों किसान सरकार की तानाशाही नीति के कारण शहीद हो गए। सरकार की गलत नीतियों के कारण महंगाई चरम पर है। डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस की बढ़ती बेतहाशा मूल्यवृद्धि ने गरीब, मजदूर, मध्यम वर्ग का जीना मुश्किल हो गया है। किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए सभी किसानों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा तथा उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग किया है। इस मौके पर शिवकुमार तिवारी, विश्राम राम, किसान प्रकोष्ठ के जिला संयोजक लाल प्रताप सिंह, रुमान खान, असगर हसन मेहंदी, महेन्द्र गौतम, ओमप्रकाश मिश्र, सूरज,रत्नेश यादव, अरविंद बिंद, अफजल, राजेन्द्र मिश्रा, शोभनाथ तिवारी, ओमप्रकाश तिवारी आदि कार्यकर्ता मौजूद रहे। संचालन ब्लाक अध्यक्ष संतोष मिश्रा ने किया।