शाहगंज। करोड़ों रुपये की वक्फ संपत्ति हड़पने के लिए धोखाधड़ी व जालसाजी के मामले में न्यायालय के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने नगर पालिका अध्यक्ष व उनके पति सहित आठ लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
नगर के एराकिया मुहल्ला निवासी अब्दुल मन्नान ने सीजेएम कोर्ट में नगर पालिका की चेयरमैन गीता जायसवाल उनके पति प्रदीप जायसवाल, लिपिक श्रीराम शुक्ला, दान बहादुर सिंह, गजाला, उमैर, अमन व रिमशा के खिलाफ प्रार्थनापत्र दिया कि पूर्व मुतवल्ली फिरोज आलम वक्फ संपत्ति निर्धारित सूची में नाम दर्ज कराकर अंतरित करना चाहते हैं।
वादी ने यूपी सुन्नी बोर्ड लखनऊ में प्रार्थना पत्र देकर प्रार्थी को मुतवल्ली नियुक्त किया गया। पत्र वक्फ आयुक्त व जिलाधिकारी द्वारा पालिका अध्यक्ष को भेजा गया। लेकिन उन्होंने आदेश का पालन नहीं किया, बल्कि अन्य आरोपियों के साथ मिलीभगत करके मृतक फिरोज के वारिसान गजाला उमैर रिमशा का नाम निर्धारण सूची में दर्ज कर लिया। वारिसान ने वक्फ की संपत्ति दानबहादुर सिंह नाम मुख्तारेआम लिख दिया। जिससे बिक्री का अधिकार मिल गया जबकि उक्त संपत्ति बिना वक्फ बोर्ड के अनुमति के वितरण नहीं किया जा सकता। वादी ने आरोप लगाया गत एक मई को दानबहादुर सिंह ने फोन करके वादी उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी गई। आरोपियों ने करोड़ों रुपये की वक्फ संपत्ति हड़पने की नीयत से आदेश 20 जून 2015 को निर्धारण सूची हेराफेरी कर गायब कर दिया। जिसपर न्यायालय ने कोतवाली पुलिस को आदेश दिया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश दिया। न्यायालय के आदेश के अनुपालन में कोतवाली पुलिस ने चेयरमैन गीता जायसवाल व उनके पति सहित आठ लोगों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं मुकदमा पंजीकृत कर मामले जांच में जुटी है। मामले में प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार आर्य ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर केस दर्ज कर जांच की जा रही है। चेयरमैन गीता जायसवाल ने कहा कि पालिका क्षेत्र में दो संपत्तियां मो. अमीन के नाम से वर्ष 1982 से पालिका अभिलेखों में दर्ज हैं। अमीन की मृत्यु के बाद उनके पुत्र फिरोज के नाम और फिरोज की मृत्यु के पश्चात उनकी पत्नी, पुत्र और पुत्री के नाम दर्ज की गई हैं। उक्त संपत्ति में वक्फ का कोई जिक्र नहीं है।