वहां सतीश को पीटने गया और वादिनी व पति उसे बचाने लगे तो जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया। वादिनी के साथ छेड़खानी करते हुए अभद्रता भी की और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। पिटाई से सतीश बेहोश हो गया।
पुलिस चौकी पर काफी लोग पहुंच गए तब वादिनी के पति व पुत्र को धमकाकर सादे कागज पर दस्तखत करा लिया। सतीश का शांतिभंग में चालान कर दिया। काफी दिनों तक इलाज के बाद सतीश की जान बची।
पुलिस उच्चाधिकारियों से शिकायत करने पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। तब उसने अदालत से न्याय की गुहार लगाई थी। अपर सत्र न्यायाधीश (एससी-एसटी) कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन चौकी के चौकी इंचार्ज व हमराही पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इस संबंध में थानाध्यक्ष कुशवाहा ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।