उधर, बेटी की मौत से दुखी मां बेसुध पड़ी रही। थाने की जरूरी कार्यवाही और अंतिम संस्कार में छोटा भाई ही गया। उसकी उम्र 15 वर्ष है। प्रधानपति केशरी प्रसाद ने बताया कि परिवार से जानकारी मिली कि पवन का इलाज चल रहा था।
श्रद्धा पटेल के भाई पवन की मानसिक स्थिति भले ठीक नहीं, लेकिन यह अंदाजा किसी को नहीं था कि वह इतनी बड़ी घटना को अंजाम दे जाएगा। एक दिन पहले तक सबकुछ ठीक था। बृहस्पतिवार की सुबह भी सबकुछ अच्छा ही था। क्या पता कि पवन के दिमाग में क्या चल रहा है। रोज की तरह श्रद्धा बर्तन साफ कर रही थी तभी पवन ने ताबड़तोड़ फावड़े से प्रहार करके बहन को मौत के घाट उतार दिया।