जिले में 24 ब्लैक स्पॉट चिह्नित तो कर लिए गए हैं, लेकिन इन स्थानों पर दुर्घटना रोकने की कोई व्यवस्था अब तक नहीं की गई है। इसके चलते चिह्नित ब्लैक स्पॉट पर दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है।
जिले में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले साल तक जिले में 21 ब्लैक स्पॉट चिह्नित थे। इस बीच तीन ब्लैक स्पॉट और बढ़ गए। इसके साथ ही जिले में ब्लैक स्पॉट की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। उधर, प्रशासन की तरफ से ब्लैक स्पॉट तो चिह्नित कर लिए गए, लेकिन हादसों को रोकने के लिए ठोस उपाय नहीं किए गए हैं। चिह्नित ब्लैक स्पॉट में से 16 राष्ट्रीय राजमार्ग और आठ राज्य मार्ग पर हैं। इनमें से राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिरकोनी से सई नदी, त्रिलोचन बाजार से नहर तक, पकड़ी चौराहा, नौपेड़वा हाइवे, धनियामऊ, शंभूगंज, हौज, विशुनपुर, टेकरी, सिकरारा चौराहा, बीबीपुर, बेलवा तिराहा ग्राम गड़िया, बड़ा पावर हाउस खाकीपुर में ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। इसी तरह से राज्यस्तरीय राजमार्ग पर कस्बा गौरा से चोरसंड, धर्मापुर से गजना तक शिवपुर बाईपास, सिद्दीकपुर, पंचहटियां से रामघाट, गोमती पुल से रिवर व्यू तिराहा, पुरऊपुर व मनेछा में ब्लैक स्पॉट चिह्नित हैं। इनके अलावा इस साल तीन जो नए ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं, उनमें असबरनपुर, बरगुदरपुल व श्रीनेतगंज शामिल हैं। इन ब्लैक स्पॉटों पर हर समय वाहनों का आवागमन जारी रहता है। इसके बावजूद इन जगहों पर सड़क दुर्घटना रोकने से संबंधित स्पीड ब्रेकर, चेतावनी भरे साइन बोर्ड, बैरीकेडिंग आदि की व्यवस्था नहीं की गई है।
यह स्थिति तब है जब कि जिले में जनवरी से जून माह तक हुए सड़क हादसों में 199 लोगों की जान जा चुकी है। जनवरी से जून माह तक जिले में करीब 605 लोग सड़क हादसों के शिकार हो चुके हैं। इनमें से 199 लोगों की मौत हो गई और 406 लोग घायल हुए।
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छह माह में हुई सड़क दुर्घटनाओं का विवरण
माह सड़क दुर्घटना मौत
जनवरी 81 22
फरवरी 86 30
मार्च 116 31
अप्रैल 88 28
मई 114 45
जून 120 43
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योग 605 199
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वर्जन...
- शीघ्र ही सभी ब्लैक स्पॉटों पर दुर्घटना रोकने से संबंधित स्पीड ब्रेकर, चेतावनी पूर्ण साइन बोर्ड, बैरिकेडिंग आदि की व्यवस्था कर दी जाएगी। इसके लिए तैयारी चल रही है। - एसपी सिंह, एआरटीओ, जौनपुर