कोबी गांव में शव दफनाने को लेकर मंगलवार की रात विवाद हो गया। हालांकि घंटेभर चली पंचायत के बाद ग्रामीणों में सहमति बनी और शव को दफनाया गया।
महराजगंज थाना क्षेत्र के कोबी गांव निवासी मैनुद्दीन (63) गद्दोपुर बाजार में 15 वर्षों से साइकिल मरम्मत की दुकान चलाकर गुजर बसर करते थे। मंगलवार की शाम वह सायकिल से महराजगंज गए और सामान लेकर गद्दोपुर स्थित अपनी दुकान पर लौटे। आसपास के लोगों के मुताबिक उन्हें घबराहट होने लगी। परिजन उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। परिवार के लोग घर से जब शव दफन करने के लिए कब्रिस्तान पहुंचे तो एक व्यक्ति शव को कब्रिस्तान में दफनाने से मना करने लगा। उसका कहना था कि यह कब्रिस्तान की जमीन उसके भाई के नाम से है। मृतक मैनुद्दीन का घर कोबी गांव में नहीं था। काफी संख्या में लोग दूसरे गांव से आकर कोबी में बस गए हैं। वह शव को अपने पैतृक गांव में ले जाकर दफन करें। इसे लेकर घंटों पंचायत चली। इस दौरान किसी ने घटना की जानकारी पुलिस को भी दे दी, जो मौके पर पहुंच गई। हालांकि इसके पहले ग्रामीणों ने पंचायत से मामला हल कर लिया, जिसके बाद देर रात शव को कब्रिस्तान ही दफनाया गया।