विधानसभा चुनाव के टिकट को लेकर भाजपा में घमासान मचा हुआ है। पार्टी ने प्रत्याशियों की तलाश और उनकी छानबीन पर काम तेज कर दिया है। जिले के सभी नौ विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव लड़ने वाले संभावित दावेदारों के नामों की सूची पार्टी नेतृत्व ने मांगा है।
विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने तैयारी तेज कर दी है। पार्टी चुनाव को गंभीरता से ले रही है। पार्टी की सोच है कि लोकसभा चुनाव में जो मत मिले थे अगर उनको विधानसभा चुनाव में भी सहेज लिया जाए तो यूपी में भाजपा को सत्ता में आने से कोई रोक नहीं सकता।
पार्टी सूत्रों की मानें तो गुजरात की टीम सर्वे के लिए जिले में आई थी। संभावित दावेदारों के बारे में असलियत जानने के बाद दूसरे दल के संभावित प्रत्याशियों के बारे में भी लोगों से पूछताछ किया। यही नहीं होर्डिंग बाज नेताओं की जमीनी हकीकत के बारे में भी जानकारी ली।
जिन विधानसभा क्षेत्रों में दल के दावेदारंों की स्थिति चुनाव लड़ने लायक नहीं दिखी वहां दूसरे दलों के ऐसे नामों के बारे में जानकारी जुटाई। भाजपा चुनाव जीतने को केंद्र में रख कर तैयारियां कर रही हैं।
दूसरे दलों के उन मजबूत नेताओं पर निगाह रखी जा रही है जो अपने दल से टिकट से वंचित होने पर पार्टी का दामन थाम सकते हैं। यही वजह है कि विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों की घोषणा में देरी हो रही है।
उधर आरएसएस भी अपने ढंग से प्रत्याशियों की पड़ताल में जुटी है। भाजपा से टिकट की दौड़ में गैर दलों के लोग भी शामिल हैं। बाहुबली एक पूर्व सांसद और दो पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और एक जाने-माने पत्रकार के नाम की भी चर्चा पार्टी गलियारे में खूब हो रही है।
पूर्व सांसद शाहगंज तो एक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष केराकत, दूसरी पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मल्हनी से टिकट चाहती हैं। जबकि जाने माने पत्रकार सदर से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।