वहीं, ब्राह्मण बाहुल्य बदलापुर विधानसभा 2012 में अस्तित्व में आई थी। इस सीट से सपा के ओमप्रकाश दुबे (बाबा दुबे) विधायक बने थे। साल 2017 के चुनाव में पार्टी ने उन्हीं पर दूसरी बार दांव लगाया, लेकर भाजपा को अति पिछड़ों का साथ मिला। ऐसे में भाजपा के रमेश चंद्र मिश्र ने 60237 मत हासिल कर विधायक बने थे।
इसी तरह जफराबाद विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी टिकट को लेकर शुरू से ही ऊहापोह की स्थिति में थी। अंतिम समय में सपा प्रत्याशी घोषित किए गए सीटिंग विधायक शचींद्रनाथ त्रिपाठी को मैदान में उतारा था। सपा-भाजपा की इस सीट पर सीधी टक्कर हुई थी, जिसमें भाजपा के डा. हरेंद्र प्रसाद सिंह ने 85989 वोट पाकर विधानसभा में अपनी जगह बनाई थी।
केराकत (सुरक्षित सीट) पर साल 2012 के चुनाव में सपा का कब्जा था लेकिन इस सीट पर साल 2017 में सपा ने संजय सरोज को अपना प्रत्याशी बनाया था, लेकिन वो पार्टी को जीत नहीं दिला पाए थे। इस चुनाव में भाजपा के दिनेश चौधरी 84078 मत हासिल कर पहले ही प्रयास में विधायक बने थे।
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