लगातार बढ़ते मरीजों की तादाद के बाद बीएचयू लैब ने जौनपुर के संदिग्धों का सैंपल लेने में असमर्थता जता दी है। लिहाजा अब जिले के सैंपल फिर से पीजीआई लखनऊ भेजे जाएंगे। लखनऊ से लंबी दूरी होने के कारण रिपोर्ट आने में भी देरी तय है। ऐसे में संक्रमण बढ़ने की आशंका भी अधिक है।
पिछले एक माह से जिले में कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। आठ मई से पहले कोरोना के कुल 30 से भी कम थे।
तब पांच सौ संदिग्धों की जांच हुई थी। पिछले एक माह में यह आंकड़ा बढ़कर 283 तक पहुंच गया है। छह हजार से अधिक सैंपल लिए जा चुके हैं। लगातार मरीजों की संख्या में वृद्धि होने के साथ ही सैंपलिंग में तेजी आई है। रोजाना ढाई से तीन सौ सैंपल लिए जा रहे हैं। पहले ही ओवरलोड से जूझ रही बीएचयू लैब ने अब यहां के सैंपल ले पाने में असमर्थता जता दी है। रविवार को सैंपल लौटाए जाने के बाद अब प्रशासन ने यहां के सैंपल लखनऊ पीजीआई भेजने का फैसला लिया है।
लखनऊ से जौनपुर की लंबी दूरी होने से सैंपल नियमित रुप से पहुंचाना भी बड़ी चुनौती है। पूर्व में भी बीएचयू लैब अस्थाई रुप से बंद होने के कारण लखनऊ सैंपल भेजे जाते थे, तब रिपोर्ट आने में पांच से छह दिन लग जाते थे। अब फिर से वहीं जांच होने से देरी तय है। सीएमओ डॉ. रामजी पांडेय का कहना था कि अब सैंपल लखनऊ भेजे जाएंगे। उन्हीं लोगों के सैंपल लिए जा रहे हैं, जिनमें कोई लक्षण स्पष्ट हो रहा है। फिलहाल यही व्यवस्था लागू रहेगी।