प्रधान डाकघर में पैसा जमा और निकालने के लिए लगी महिलाओं की लाइन।
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नोट बंदी के बाद उसे बदलने और जमा करने के लिए मची आपाधापी कम होने का नाम नहीं ले रही। मंगलवार को भी जिले भर की बैंकों में लोगों की भारी भीड़ जमा रही। घंटों लाइन में लगने के बाद भी नोट नहीं बदले गए तो लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। यूबीआई की मड़ियाहूं शाखा में भीड़ ने हंगामा किया और बैंक में जमकर तोड़फोड़ की।
एसबीआई की मुफ्तीगंज शाखा में भी लोगों ने बैंक अधिकारियों पर धांधली का आरोप लगाते हुए बवाल काटा।
सोमवार को बैंक बंद थे। मंगलवार को कई बैंक शाखाओं में सुबह पांच बजे से ही लोग बैंक के सामने आकर लाइन में खड़े हो गए थे। काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंकों में कैश के अभाव में लोगों के नोट नहीं बदले जा सके। गोमती ग्रामीण बैंक की वाजिदपुर स्थित मुख्य शाखा में सुबह छह बजे से ही लोग लाइन में खड़े थे।
करीब नौ बजे बैंक खुला तो लोगों को टोकन बांट दिए गए। अपनी बारी आने का लोग इंतजार कर रहे थे। करीब 11:30 बजे तक लोग उम्मीद लगाए लाइन में खड़े थे बाद में बताया गया कि बैंक के पास नकदी नहीं है इससे रुपये नहीं बदले जाएंगे। लोगों से टोकन वापस ले लिया गया।
मड़ियाहूं प्रतिनिधि के अनुसार यूबीआई की स्थानीय शाखा में सुबह से लोग लाइन में खड़े थे। बैंक खुला तो बताया गया सर्वर फेल होने की वजह से लेनदेन नहीं हो सकता। इसी बात पर लोग नाराज हो गए। बैंक में लगे शीशे तोड़ डाले। ग्राहकों का आक्रोश देख बैंक अधिकारी भी सहम गए। पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया।
सिकरारा प्रतिनिधि के अनुसार यूबीआई व एसबीआई की शाखा में सुबह पांच बजे ही लोग लाइन में खड़े हो गए थे। 10 बजे तक लोग लाइन में खड़े रहे पर बैंक नहीं खुला था। यूबीआई 10:35 बजे ताला खुला और एसबीआई का 10:45 ताला खुला।
बैंक खुलते ही शोर शराबा शुरू हो गया। काशी गोमती ग्रामीण बैंक शिवनगर में लोगों को पैसा नहीं मिला।
एसबीआई की मुफ्तीगंज में एक ग्राहक को शादी के नाम पर अधिक रुपये बदलने का आरोप लगाते हुए लाइन में खड़े लोगों ने हंगामा किया। सुईथाकला प्रतिनिधि के अनुसार इलाके की बैंकों में सुबह छह बजे से ही लोगों की लाइन लग गई थी।