जिले के किसान अपनी अनुपयोगी भूमि पर बांस की खेती कर अपनी आय बढ़ाएंगे। इसके लिए सरकारी स्तर पर तैयारियां शुरू हो गईं है। बांस की खेती करने के इच्छुक किसानों के चयन किया जा रहा है। चयनित किसानों को उन्नतशील प्रजाति के बांस बीज नि:शुल्क उपलब्ध कराकर खेती कराने का कार्य किया जाएगा। यह कार्य मनरेगा योजना के तहत कराया जाएगा।
जिले में आठ लाख 16 हजार किसान हैं। इनकी आय में वृद्धि हो सके और उनकी बेकार पड़ी भूमि का सदुपयोग हो सके, इसके लिए मनरेगा योजना के तहत किसानों से उनके निष्प्रयोज्य भूमि पर बांस की खेती करायी जाएगी। इससे किसान बांस को बेचकर अच्छी कमाई कर सकेंगे, इसके लिए सभी सचिवों व रोजगार सेवकों को किसानों का चयन करने का निर्देश दिया गया है। इस क्रम में किसानों का चयन का कार्य शुरू कर दिया गया है। किसानों का चयन होने के बाद स्टीमेट तैयार किया जाएगा। प्राथमिकता के तौर पर पहले खुटहन ब्लाक में बांस की खेती कराने की तैयारी की जा रही है, इसके बाद अन्य ब्लाकों में चयनित किसानों को भी बांस की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा।