फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जौनपुर: पूर्व सांसद धनंजय सिंह, बृजेश सिंह प्रिंसू समेत तीन का प्रार्थनापत्र निरस्त, 31 को तय होगा आरोप

Thu, 24 Mar 2022 06:12 PM IST
उत्पल कांत अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर

सार

जौनपुर में अपर सत्र न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) ने  छह नवंबर 2017 को खुटहन ब्लॉक मुख्यालय पर हुए उपद्रव मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह, बृजेश सिंह प्रिंसू व नवीन सिंह का आरोप मुक्ति प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। 
विज्ञापन
कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

छह नवंबर 2017 को जौनपुर के खुटहन ब्लाक मुख्यालय पर हुए उपद्रव मामले में पूर्व सांसद धनंजय सिंह, वर्तमान एमएलसी बृजेश कुमार सिंह प्रिंसू और नवीन सिंह का उनमोचन (बरी) होने का प्रार्थना पत्र कोर्ट ने निरस्त कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश (एमपी/एमएलए कोर्ट) ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास, आगजनी व अन्य धाराओं में आरोप तय करने के लिए 31 मार्च की तिथि तय की है। 

क्या है पूरा मामला

प्रतापगढ़ के पूर्व सांसद कुंवर हरिवंश सिंह ने पूर्व सांसद धनंजय सिंह, पूर्व विधायक शैलेंद्र यादव ललई, वर्तमान एमएलसी बृजेश सिंह प्रिंसू समेत 35 के खिलाफ 6 नवंबर 2017 को खुटहन थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि ब्लॉक प्रमुख सरजू यादव के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर प्रशासन द्वारा 6 नवंबर 2017 को दिन में 11 बजे खुटहन ब्लॉक के परिसर में चर्चा होनी थी।

विज्ञापन


सांसद कुंवर हरिवंश सिंह अपनी बहू नीलम (ब्लॉक प्रमुख) के साथ वहां जा रहे थे। खुटहन ब्लॉक के समीप जौकाबाद गांव के पास आरोपित चार-पांच सौ लोगों के साथ उनके वाहन के सामने आ गए। पूर्व विधायक शैलेंद्र यादव के ललकारने पर धनंजय सिंह, बृजेश कुमार सिंह प्रिंसू व नवीन सिंह जान से मारने की नियत से वादी पर फायरिंग करने लगे।

Trending Videos

आरोपियों ने वादी की गाड़ी को तोड़फोड़ करके क्षतिग्रस्त कर दिया था। किसी तरह से वादी दूसरी गाड़ी से ब्लॉक खुटहन की तरफ भागा। इस वाहन पर भी आरोपियों ने अंधाधुंध फायरिंग किया। पहली गाड़ी को जला कर 15-16 लाख रुपए का नुकसान आरोपियों ने कर दिया। अन्य वाहन भी तोड़कर के क्षतिग्रस्त कर दिया। बीडीसी सदस्यों को भी मतदान न करने के लिए आतंकित किया।

कुछ महिला बीडीसी सदस्यों के गले से चैन व कान की बालियां भी आरोपियों ने लूट ली। घटना में काफी लोगों को चोटें आईं। पुलिस ने अपराध पाते हुए कोर्ट में केस डायरी दाखिल की। 21 आरोपियों काप्रार्थना पत्र पूर्व में ही निरस्त हो चुका था।
विज्ञापन

धनंजय व अन्य आरोपियों का कहना था कि राजनीति के कारण रंजिशन प्राथमिकी दर्ज कराई गई। घटना स्थल से खोखा कारतूस भी बरामद नहीं हुआ। इस तरह की कोई घटना ही नहीं घटी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपितों का उनमोचन प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें