जौनपुर। परिषदीय विद्यालयों में नवनियुक्त शिक्षकों ने सोमवार को चिकित्सकीय परीक्षण कराया। इसके लिए शिक्षकों को जिला अस्पताल से टीबी अस्पताल तक दौड़ लगानी पड़ी। भीड़ से बचने के लिए महिला शिक्षकों का परीक्षण जिला अस्पताल में कराया गया है जबकि पुरुषों की जांच टीबी अस्पताल में हुई। प्रमाणपत्र मिलते ही शिक्षक सीधे बीएसए कार्यालय पहुंचे जहां कार्यभार ग्रहण करने की कागजी औपचारिकताएं पूरी की। बीएसए कार्यालय में कुल तीन टेबल लगाए गए थे। शाम तक 179 महिला और 302 पुरुष शिक्षकों ने कार्यभार ग्रहण किया।
परिषदीय विद्यालयों में शिक्षक भर्ती के दूसरे चरण में जिले में 579 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली है। सबको ज्वाइनिंग के लिए चिकित्सकीय परीक्षण कराना था। उनको सोमवार को बीएसए कार्यालय में मेडिकल प्रमाणपत्र के साथ बुलाया गया था। सोमवार को सुबह महिला पुरुष सभी शिक्षक जिला अस्पताल पहुंच गए। जिला अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि यहां से सिर्फ महिलाओं को मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। पुरुषों को सीएमओ कार्यालय के बगल टीबी अस्पताल जाना होगा। जिला अस्पताल से टीबी अस्पताल की दूरी चार किलोमीटर से भी अधिक है। ऐसे में अफरातफरी का माहौल बन गया। शहर की भीड़ को चीरते हुए किसी तरह सैकड़ों की भीड़ टीबी अस्पताल पहुंची। जहां सड़क तक लंबी कतार लग गई। शाम चार बजे तक जिला अस्पताल से 102 महिला शिक्षकों को मेडिकल प्रमाण पत्र जारी किया गया जबकि टीबी अस्पताल से 200 से अधिक का स्वास्थ्य परीक्षण कर मेडिकल प्रमाण पत्र दिया गया।
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डीएम से की धांधली की शिकायत
जौनपुर। टीबी अस्पताल में मेडिकल के लिए लगी पुरुष शिक्षकों भीड़ में से किसी ने जिलाधिकारी से फोन पर शिकायत कर दी कि यहां मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए पांच सौ रुपये लिए जा रहे हैं। इसपर डीएम ने सीएमएस से फोन कर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल से तो सिर्फ महिलाओं को ही मेडिकल जारी किया जा रहा है। पुरुषों का मेडिकल सीएमओ कार्यालय से बनाया जा रहा है। डीएम की पूछताछ के बाद दोनों जगह व्यवस्था चाकचौबंद दिखी।
वर्जन भीड़ को नियंत्रित करने के लिए महिला और पुरुषों का मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के लिए अलग अलग व्यवस्था की गई थी। अस्पताल आने वाले शिक्षकों की जानकारी पहले से होने के कारण सुबह आठ बजे ही अलग टेबल लगाकर चिकित्सकों को तैनाती कर दी गई थी। इस बार मेडिकल बनाने में अस्पताल की अन्य व्यवस्था प्रभावित नहीं हुई। डॉ एके शर्मा सीएमए