किसानों को मुफ्त में 18 घंटे बिजली देने समेत कई अन्य मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन के लोगों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर सभा की। अपनी मांग से संबंधित 09 सूत्री पत्रक जिलाधिकारी को सौंपा। संगठन के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव के नेतृत्व में आई महिलाओं और पुरुषों ने अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद की।
हाथ में डंडा और हंसिया लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे यूनियन के लोगों ने चेतावनी भी दी कि अगर उनकी मांगे पूरी नहीं की गई तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। कलेक्ट्रेट में आयोजित धरना सभा को संबोधित करते हुए भाकियू के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कहा कि समूचे देश वासियों का पेट भरने वाला किसान आज बदहाल है लेकिन उनकी
सुधि लेने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहे पीएम मोदी हों या फिर टाटा, अंबानी, अडानी जैसे उद्योगपति सभी का पेट किसान ही भरता है। उद्योगपति कितना भी बड़ा हो वह किसी फैक्ट्री में बनने वाली दाल और रोटी नहीं खाता। हर गरीब और अमीर को भोजन की जरूरत होती है और वह जरूरत सिर्फ किसान पूरी करता है।
ऐसे में किसानों के हित को देखते हुए कम से कम 18 घंटे और मुफ्त में बिजली दी जानी चाहिए। क्रेडिट कार्ड पर जो किसान कर्ज लें उनसे ब्याज नहीं वसूलना चाहिए। उन्होंने न्याय पंचायत स्तर पर पशु चिकित्सालय खोलने की भी मांग की।
कहा कि गरीब किसानों के लिए जो कुछ यजनाएं सरकार की ओर से चलाई भी जा रही हैं तो उसके बारे में किसानों को जानकारी ही नहीं है। इसके लिए ग्राम पंचायत स्तर पर खुली बैठक कर लोगों को जानकारी दी जानी चाहिए। संचालन समरजीत प्रजापति ने किया। इस मौके पर बाबूराम, माता प्रसाद, जगदीश, रामतीर्थ, नितीश, सुरेंद्र पटेल, सुष्मा, हीरावती, मीना, किरन, सबिता, सीता, बसंती, सुलेखा, लीलावती, धनराजी आदि मौजूद थीं।