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UP: 10 साल बाद वाराणसी-आजमगढ़ फोरलेन का रास्ता साफ, मुआवजे की पहली किश्त 33.79 करोड़ जारी

Sat, 11 Oct 2025 01:19 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।

सार

वाराणसी-आजमगढ़ राजमार्ग के फोरलेन निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों ने धरना-प्रदर्शन किया था। 2017 में एनएचएआइ ने जिला कोर्ट में मामला दायर किया था। अब मुआवजे का रास्ता साफ होते ही राहत महसूस की जा रही है।
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फोरलेन बनेगी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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जिले में वाराणसी-आजमगढ़ फोरलेन के भूमि अधिग्रहण के मामले में 10 साल बाद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की तरफ से मुआवजे की 33.79 करोड़ की पहली किश्त जारी कर दी गई है। जिलाधिकारी ने मामले की सुनवाई कर मुआवजे की दर तय कर सात गांव अवाॅर्ड किए थे। इनमें से पांच गांवों के लिए बजट जारी किया गया है। इसमें 8.54 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है।

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इसी के साथ जिले में वाराणसी-आजमगढ़ मार्ग पर चंदवक हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण का विवाद 10 साल बाद थम गया है। प्रशासन की तरफ से 20 गांवों में से सात गांवों अवाॅर्ड घोषित किए गए हैं। इससे चार हजार किसान लाभान्वित होंगे। शासन से परसौड़ी, हरदासीपुर, बिहरदै, वीरभानपुर, परसुपुर के किसानों को मुआवजा देने के लिए राशि जारी की गई है। जल्द ही हाईवे का निर्माण भी शुरू हो जाएगा।

वाराणसी-आजमगढ़ राजमार्ग के फोरलेन निर्माण मुआवजे के विवाद के कारण फंस गया था। किसानों ने तत्कालीन जिलाधिकारी सुहास एलवाई के समय मुआवजा सही दर पर न मिलने पर इसका विरोध किया था, जिस पर तत्कालीन डीएम ने सर्किल रेट व अपने स्तर से मुआवजा की दरें तय की थीं।

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सात गांवों का अवार्ड घोषित

2017 में एनएचएआइ ने जिला कोर्ट में मामला दायर किया था। इसकी सुनवाई चार साल बाद पूरी हुई है। इस दौरान जिला जज ने एनएचएआइ व सरकारी पक्ष को सुनकर आदेश जारी कर दिया है। इसमें जज ने एनएचएआइ की अपील को खारिज कर दिया। इसके बाद किसानों व एनएचआई के मुआवजे की दरों को लेकर किसान तैयार नहीं हुए।

एनएचआई मामले को लेकर हाईकोर्ट चली गई, जहां 22 जुलाई 2024 को कोर्ट ने जिला प्रशासन को दर तय कर मुआवजा देने की बात कही। वर्तमान जिलाधिकारी डॉ.दिनेशचंद्र की पहल पर 10 वर्षो से लटका भूमि अधिग्रहण मुआवजे का रास्ता साफ हो गया। जिस क्रम में 20 गांवों में से सात गांवों का अवार्ड घोषित कर दिया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग 233 से आच्छादित 20 ग्रामों में कुल 71.1423 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा रही है। इस परियोजना में कुल निजी भूमि 759 का कुल रकबा 60.3257 हेक्टेयर प्रभावित है।
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मिले निर्देश

उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में जिलाधिकारी द्वारा जून व जुलाई में ग्राम परसौड़ी, परसूपुर, वीरभानपुर, रामगढ़, हरदासीपुर, बिरहदै व फरीदपुर के गांवों के भूमि अधिग्रहण के लिए अवार्ड घोषित कर दिया गया है। अइलिया, आराजी अइलिया, विशुनपुर लेवरूआ, फरीदपुर, रामदेवपुर, विहरदै, चंदवक, बरइछ, परसौड़ी, रामगढ़, खुज्झी, बीरभानपुर, बलुआ, कनौरा, दरदासीपुर, सिधौनी, आराजी बलुआ, परसुपुर, लेवरूआ, गोरखा गांव शामिल हैं।

अजय कुमार अम्बष्ट, एडीएम भू-राजस्व, सक्षम प्राधिकारी भूमि अध्याति ने बताया कि 20 गांवों के मुआवजा के लिए सक्षम प्राधिकारी जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने सुनवाई कर सात गांवों का अवार्ड घोषित कर दिया है। इसकी फाइल शासन स्तर पर भेजी गई थी। इसमें से पांच गांवों के मुआवजे का बजट प्राप्त हो चुका है। अब भुगतान के लिए नोटिस जारी किया जा रहा है। इससे काश्तकारों को मुआवजा दिया जा सके। तहसीलों में तहसीलदार व लेखपाल के जरिये लोगों की पत्रावलियां भुगतान के लिए मांगी जा रही है।
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