शुक्रवार की सुबह दस बजे मल्हनी के सपा विधायक लकी यादव और पुलिसकर्मियों ने युग के घर जाकर परिजनों से बात की। करीब दो घंटे की पंचायत और पुलिस की ओर से आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक की गिरफ्तारी की पुष्टि के बाद दोपहर बारह बजे परिजन शव की अंत्येष्टि के लिए तैयार हुए। लगभग दो घंटे बाद बच्चे का अंतिम संस्कार हुआ।
मामले में पुलिस ने गुरुवार की देर रात ही फोन पर इंजेक्शन, दवा बताने वाले डॉक्टर और सुई लगाने वाले मेडिकल स्टोर संचालक पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। हैदरपुर निवासी शिव पूजन ने तहरीर देकर बताया कि उनके बेटे युग (9) की पेट में दर्द हुआ था। वह दवा लेने के लिए हैदरपुर में जंगीपुर निवासी डाॅ. भोला सिंह उर्फ अजय के पास गए थे। लेकिन, भोला वहां नहीं थे।
उन्होंने मेडिकल स्टोर संचालक डाॅ. देवी गुप्ता को फोन कर इंजेक्शन और दवा बताया। आरोप है कि डाॅ. देवी प्रसाद ने अपने मेडिकल स्टोर से युग को दो इंजेक्शन लगा दिया और दवा भी दी। इसके बाद युग की तबीयत बिगड़ गई। वाराणसी ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। तहरीर में पिता का आरोप है कि डाॅ. भोला उर्फ अजय और डाॅ. देवी प्रसाद गुप्ता की उपेक्षा से युग की माैत हुई है।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मेडिकल स्टोर संचालक डाॅ. देवी प्रसाद गुप्ता पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। उसे गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है।
बंद रही दुकान, खड़ी रही जली कार
घटना के दूसरे दिन भी आरोपी के घर के लोग नहीं लौटे। वहीं, मेडिकल स्टोर पर ताला लटकता रहा। आक्रोशित भीड़ की ओर से जलाई गई कार भी पड़ी रही। युग की माैत के बाद परिजनों ने बक्शा लोहिंदा मार्ग पर जाम कर दिया था। ग्रामीणों ने मेडिकल स्टोर संचालक के घर के पीछे खड़ी कार व दो बाइक में आग लगा दी थी। आरोपी के घर में भी आग लगाने का प्रयास किया था। शाम करीब साढ़े सात बजे पुलिस किसी तरह स्थिति को नियंत्रित में लिया था।
डाॅक्टर का पता लगा रहा विभाग
पुलिस ने बालक की मौत के मामले में आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग अभी तक मौके पर जांच करने नहीं पहुंचा। इस बारे में पूछने पर सीएमओ डाॅ. लक्ष्मी सिंह ने कहा कि किस डाॅक्टर के कहने पर मेडिकल स्टोर संचालक ने इंजेक्शन लगाया था। इसकी जांच की जा रही है। मामले में दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया है कि डाॅक्टर के कहने पर उसने बच्चे को इंजेक्शन लगाया था।