शाहगंज। थाना क्षेत्र के ताखा पूरब स्थित एक फैक्टरी पर कब्जा करने, 24.50 लाख रुपये हड़पने और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर फैक्ट्री चलाने के मामले में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
इंदौर (मध्यप्रदेश) के निवासी विनोद पांचाल ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 30 दिसंबर 2024 को मोहित इंडस्ट्रीज फैक्टरी परिसर में पंकज जायसवाल (बालाजी इंटरप्राइजेज) से टिन शेड किराए पर लिया था। इसके बाद लोहे की रिंग और सरिया मोड़ने की फैक्टरी शुरू की। फैक्टरी की सभी मशीनें और उपकरण उनके खुद के हैं।
उन्होंने बताया कि एक मार्च 2025 को अंबेडकरनगर निवासी चंद्रकांत गुप्ता उनके संपर्क में आए। आपसी सहमति से साझेदारी में काम शुरू किया गया। कच्चे माल में चंद्रकांत गुप्ता का निवेश था जबकि मशीनें और संचालन की जिम्मेदारी उनकी थी। तैयार माल की बिक्री चंद्रकांत गुप्ता करते थे।
विनोद पांचाल ने बताया कि 5 मई को वह इंदौर चले गए। इसके बाद फैक्टरी का पूरा संचालन चंद्रकांत गुप्ता देखने लगे। चंद्रकांत गुप्ता फैक्टरी पर कब्जा कर 24 घंटे फैक्टरी चला रहे हैं और सीसीटीवी का पासवर्ड बदल दिया है। यह भी आरोप लगाया कि चंद्रकांत गुप्ता ने फर्जी व कूटरचित दस्तावेज तैयार कराया। वह फैक्टरी को कादीपुर ट्रेडर्स के बृजेश सिंह, आकाश गुप्ता व पप्पू के साथ मिलकर अवैध रूप से चला रहे हैं।
पीड़ित विनोद पांचाल ने कहा कि रकम न मिलने के कारण उनका व्यवसाय ठप हो गया है। उन्होंने कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, धोखाधड़ी और अवैध रूप से फैक्ट्री चलाने के आरोप में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। साथ ही 24.50 लाख रुपये दिलाने की मांग की है।
प्रभारी निरीक्षक किरन कुमार सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है। चंद्रकांत गुप्ता, बृजेश सिंह, आकाश गुप्ता और पप्पू के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।