मुफ्तीगंज। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे केराकत के धरउरा गांव निवासी अभय सिंह शुक्रवार की देर रात अपने घर सुरक्षित पहुंच गए। केंद्र सरकार ने अपने खर्च से उन्हें घर तक पहुंचाया। अभय सिंह के सकुशल घर पहुंचने से परिजनों ने राहत की सांस ली। घर में ़खुशी का माहौल है। अभय सिंह के बड़े भाई नरेन्द्र सिंह ने भाई के घर लौटने पर आने माला पहनाकर आरती उतारी।
शनिवार को अभय सिंह घर लौटने के बाद पत्रकारों से यूक्रेन में आप बीती सुनाई। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने पर उन्हें बस से रोमानिया बार्डर की ओर ले जाया गया। बार्डर से दस किलोमीटर पहले ही छोड़ दिया गया। अभय ने बताया कि पैदल वह बार्डर पर पहुंचे और 48 घंटे तक -4 डिग्री सेल्सियस तापमान में खुली आसमान के नीचे रात बिताई। उन्होंने बताया कि भारत सरकार की पहल पर उन्हें रोमानिया में प्रवेश मिला और रहने खाने के लिए विशेष व्यवस्था की गई। उसके बाद विशेष विमान से दिल्ली लाया गया। उसके बाद प्रत्येक छात्रों को विशेष वाहनों से उनके घर तक पहुंचाया जा रहा है। रोमानिया से लेकर घर तक उनका एक रुपया भी नहीं लगा। सारा खर्च भारत सरकार ने किया। अभय सिंह ने सरकार के इस कदम की सराहना की और धन्यवाद ज्ञापित किया। अभय ने बताया कि जौनपुर के डीएम मनीष वर्मा लगतार उनके संपर्क में थे। कुशल क्षेम पूछते रहते थे।