आनन- फानन स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस से अंशु को खुटहन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक के मोबाइल फोन से किसी ने उसके घरवालों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के पिता विजय प्रताप शर्मा और मां मीना शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्राली को कब्जे में ले लिया है।
परिवार का टूट गया सपना
बेटे को नौकरी मिलने और परिवार का सपना पूरा होने से पहले ही टूट गया। अंशु ने परिवार से वादा किया था कि वह नौकरी करके घर की आर्थिक स्थिति को सुधार देगा। परिजनों ने बताया कि अंशु एक होनहार और मेहनती युवक था। काफी मेहनत के बाद उसे एक निजी फाइनेंस कंपनी में नौकरी मिली थी। वह उत्साह से तैयार होकर घर से निकला था, लेकिन उसकी यह ख्वाहिश अधूरी रह गई।
अंशु की मां मीना का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कभी भगवान को तो कभी अपनी किस्मत को कोसती नजर आ रही हैं। अंशु अपने गांव में सभी का चहेता था। वह मिलनसार, विनम्र और मेहनती युवक के रूप में जाना जाता था। मृतक के पिता विजय प्रताप शर्मा, जो खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, अपने बेटे के असमय निधन से सदमे में हैं।