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मातम में बदलीं खुशियां: नौकरी जॉइन करने से पहले युवक की मौत, परिवार का टूट गया सपना; बिलख रही मां

Tue, 22 Jul 2025 10:14 AM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, जौनपुर।

सार

Jaunpur Road Accident: सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बस्ती बंदगान गांव के पास सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। उसकी पहली नौकरी लगी थी, जिसकी ज्वॉनिंग के लिए वह घर से निकला था। 
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मृतक की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जौनपुर जिले के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के बस्ती बंदगान गांव के समीप सोमवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली से कुचल कर एक युवक की मौत हो गई। वह घर से नौकरी जॉइन करने के लिए निकला था। घटना से परिवार में कोहराम मच गया। 

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थाना प्रभारी विनय प्रकाश सिंह ने बताया कि खुटहन थाना क्षेत्र के उदयीपुर गांव निवासी विजय प्रताप शर्मा का पुत्र अंशु उर्फ आंसू (20) नौकरी जॉइन करने के लिए सुबह जौनपुर शहर जा रहा था। परिजनों के अनुसार अंशु ने हाल ही में स्नातक परीक्षा पास की थी। कंप्यूटर कोर्स भी पूरा किया था। सोमवार को उसकी एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में नियुक्ति होनी थी। वह सुबह लगभग 8 बजे अपने घर से बाइक से निकला। 

जैसे ही अंशु मल्हनी-खुटहन मार्ग पर स्थित बस्ती बंदगान गांव के पास पहुंचा, कि पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे ईंट से भरे ट्रैक्टर-ट्ऱाली ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि अंशु सड़क पर गिरते ही ट्राली के नीचे चला गया। वह गंभीर रूप से घायल हो गया। 
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अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टर ने मृ घोषित किया

आनन- फानन स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस से अंशु को खुटहन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। पीएचसी पर तैनात चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक के मोबाइल फोन से किसी ने उसके घरवालों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के पिता विजय प्रताप शर्मा और मां मीना शर्मा का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्राली को कब्जे में ले लिया है।

परिवार का टूट गया सपना
बेटे को नौकरी मिलने और परिवार का सपना पूरा होने से पहले ही टूट गया। अंशु ने परिवार से वादा किया था कि वह नौकरी करके घर की आर्थिक स्थिति को सुधार देगा। परिजनों ने बताया कि अंशु एक होनहार और मेहनती युवक था। काफी मेहनत के बाद उसे एक निजी फाइनेंस कंपनी में नौकरी मिली थी। वह उत्साह से तैयार होकर घर से निकला था, लेकिन उसकी यह ख्वाहिश अधूरी रह गई। 
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अपनी किस्मत को कोस रही मां

अंशु की मां मीना का रो-रोकर बुरा हाल है। वह कभी भगवान को तो कभी अपनी किस्मत को कोसती नजर आ रही हैं। अंशु अपने गांव में सभी का चहेता था। वह मिलनसार, विनम्र और मेहनती युवक के रूप में जाना जाता था। मृतक के पिता विजय प्रताप शर्मा, जो खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं, अपने बेटे के असमय निधन से सदमे में हैं।

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