जौनपुर। दिल्ली और लखनऊ समेत प्रदेश के कई शहरों में कोरोना का संक्रमण फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने के बाद संदिग्धों की निगरानी के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें दो चिकित्सक, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय और फार्मासिस्ट शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि वह बीमारी से बचाव के लिए पूरी तरह तैयार है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।
कोरोना के असर से हर कोई अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। स्वास्थ्य विभाग भी कोरोना से निबटने के लिए जरूरी सुुविधाएं जुटाने में लग गया है। जिला अस्पताल से लेकर ग्रामीण अस्पतालों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी मरीज में कोरोना के संभावित लक्षण मिलते हैं तो उसकी जांच जरूर कराएं। सीएमएस डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि प्रदेश में कोरोना के मरीज मिलने के बाद जिला अस्पताल में सतर्कता बढ़ा दी गई है। इलाज के लिए आने वाले हर मरीज पर नजर रखी जा रही है। आइसोलेशन वार्ड स्थापित करने के साथ स्वास्थ्य टीम का गठन कर दिया गया है। टीम में डॉ. डीएस यादव, डॉ. सत्येंद्र कौशल के साथ एक स्टाफ नर्स और वार्ड ब्यॉय की तैनाती की गई है। इमरेंजी में तैनात फार्मासिस्ट निगरानी करेंगे। उधर, सीएमओ डॉ. रामजी पांडेय ने बताया कि सभी चिकित्सकों को हिदायत दी गई है कि अगर कोई मरीज इस तरह का मिलता है तो उसकी जांच कराई जाए। उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू करने का निर्देश दिया गया है। कोई भी लक्षण मिलने पर नजदीकी अस्पताल में संपर्क करने के लिए कहा जाता है।
कोरोना के लक्षण
कोरोना वायरस की चपेट में आने पर आम तौर पर श्वसन तंत्र की बीमारी शुरू हो जाती है। संक्रमित व्यक्ति को सर्दी के लक्षण दिखते हैं। नाक से पानी आने लगता है, खांसी आने के साथ गले में खराश शुरू होता है। कभी-कभी सिरदर्द होने लगता है, बुखार आने लगता है। यह लक्षण कुछ दिनों तक बना रहता। कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में रोगों से लड़ने की ताकत कम होती है। ऐसे लोगों के लिए यह घातक साबित होता है।
कैसे फैलता है कोरोना वायरस
कोरोना वायरस कई वायरसों का एक समूह है। पशुओं में यह वायरस सामान्य रूप से पाया जाता है। इस वायरस को वैज्ञानिक जूनैटिक नाम से भी पुकारते हैं। इसका अर्थ होता है पशुओं से मनुष्य में फैलने वाला वायरस। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से हवा में फैलता है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार एमईआरएस ने ऊंटों से निकल संक्रमण करता है। संक्रमित होने पर खांसी, छींक या हाथ मिलाना जोखिम का कारण बन सकता है। किसी संक्रमित व्यक्ति के छूने और फिर मुंह, नाक या आंखों को छूने से भी वायरस का संक्रमण हो सकता है।
ऐसे करें बचाव
जौनपुर। कोरोना से बचाव के लिए सतर्कता ही सबसे बड़ा जरिया है। बीमार लोगों से दूरी बनाकर कर संक्रमण से बचा सकता है। अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह कम से कम 20 सेकेंड तक धोएं। अगर आप बीमार हैं, तो घर पर रहें और भीड़ से बचें। दूसरों से संपर्क न करें। खांसते या छींकते समय अपने मुंह और नाक को ढक लें।
मास्क की बढ़ी बिक्री
मेडिकल स्टोर पर मास्क की बिक्री में इजाफा हुआ है। रुहट्टा स्थित मेडिकल स्टोर के संचालक संदीप सिंह ने बताया कि मास्क की डिमांड अचानक तेज हुई है। लोग संक्रमण से बचने के लिए मास्क खरीद रहे हैं। हालांकि रेट में कोई खास वृद्धि नहीं है।